सोशल: 'मोदी, मोदी को गंभीरता से नहीं ले रहे'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक और आलोचक दोनों में एक बात जो कॉमन है- वो है सोशल मीडिया पर सक्रियता.
समर्थक जहां पीएम मोदी की योजनाओं की तारीफ़ करते नज़र आते हैं. वहीं, आलोचक मोदी की गलतियों पर तंज कसते नज़र आते हैं.
बीते एक हफ़्ते में मोदी सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. वजह हैं कुछ चूकें, जो मोदी से हुईं...
जानिए कब-कब हुई चूक

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1. तोहफ़े में किताब की सलाह
10 जून 2017. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के ज़रिए लोगों से एक नई अपील की.
मोदी ने ट्वीट किया था, ''मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक दूसरे को तोहफ़े में गुलदस्ता के बज़ाय किताबें दें. ये कदम बड़ा बदलाव ला सकता है.''

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यह ट्वीट पीएमओ इंडिया के हैंडल से किया गया था. इस अपील के चार महीने के भीतर ही मोदी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से जन्मदिन पर मुलाकात की.
इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कोविंद को गुलदस्ता दिया. कुछ लोगों ने इस मौके की तस्वीर को लेकर मोदी की उस बात को याद किया, जिसमें उन्होंने लोगों से गुलदस्ता नहीं, किताब देने की अपील की थी.

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जॉय दास लिखते हैं, ''नरेंद्र मोदी भी नरेंद्र मोदी की बात को गंभीरता से नहीं लेते.''

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2. धनुष टूटने से पहले 'मूर्छित'
तारीख 30 सितंबर. दशहरा. पीएम मोदी नई दिल्ली में दशहरा आयोजन में पहुंचे. मोदी ने सांकेतिक तौर पर जब रावण के पुतले का दहन करने के लिए तीर छोड़ने से पहले धनुष उठाया तो एक गड़बड़ हो गई.
मोदी ने जैसे ही धनुष की प्रत्यंचा पर तीर रखकर उसे छोड़ने की कोशिश तो प्रत्यंचा टूट गई.
ऐसा होते ही मोदी तनिक मुस्कुराए और तीर हाथ से उठाया और भाले ही तरह तीर को रावण के पुतले की तरफ फेंक दिया.
संजीव चंदन ने लिखा, 'सफेद बालों वाले 56 इंची छाती से संपन्न युवा नरेंद्र के हाथों रावण ने मरने से इनकार कर दिया, अनिष्ट और अपशकुन यह कि धनुष बाण छोड़ने के पहले टूट गया.'
डॉ वीरेंद्र सिंधु ट्विटर पर लिखते हैं, ''फेंकने की आदत से लाचार मोदी जी ने रावण को तीर भी फेंक कर मारा.''

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3. जूता पहनकर राम की पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक इवेंट में दो वजह से चर्चा में रहे. पहला धनुष और दूसरा जूते पहनकर राम का किरदार निभाने वाले कलाकार की आरती.
दरअसल परंपरा ये है कि प्रधानमंत्री जब रामलीला मैदान पहुंचेंगे, तो रामलीला के कलाकारों की आरती उतारेंगे. मोदी जब ये आरती उतार रहे थे, तब उन्होंने जूते पहने हुए थे.

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कुछ लोगों ने मोदी के जूते पहनकर आरती उतारने पर तस्वीरों के ज़रिए तंज किया. इनमें राहुल गांधी नंगे पैर और मोदी जूते में नज़र आ रहे हैं.
अनीता मिश्रा लिखती हैं, ''जब वेंकैया नायडू समेत कई लोग मोदी को ईश्वर के समक्ष मान चुके हैं. तब विवाद कैसे? ईश्वर खुद ईश्वर की आरती कैसे उतारें ये सिर्फ़ स्वयं ईश्वर तय कर सकते हैं.''
4. मुंबई भगदड़ पर मोदी का ट्वीट
मुंबई भगदड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के दिग्गज नेताओं ने ट्वीट किया.
द वायर ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि मोदी ने मुंबई भगदड़ के बाद किए एक ट्वीट को डिलीट किया है.

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मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने दो ट्वीट्स के कोलाज को शेयर किया. इस कोलाज़ में नरेंद्र मोदी हैंडल से किया एक ट्वीट नज़र आ रहा है.
इस ट्वीट में मोदी ने लिखा था- ''मुंबई भगदड़ में मारे गए लोगों के साथ मेरी संवेदनाएँ. घायलों के लिए दुआएं.''
कोलाज में दूसरा ट्वीट नज़र आता है, जिसमें सीताराम येचुरी मोदी के इस ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए लिखते हैं, ''लेकिन सरकार की प्राथमिकता में फैंसी बुलेट ट्रेन है, जिसकी क़ीमत साधारण ट्रेनों में यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बिना सुरक्षा के चुकानी पड़ रही है.''
सीताराम येचुरी लिखते हैं, ''मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि पीएम मोदी ने मुंबई भगदड़ पर किया अपना ट्वीट डिलीट क्यों कर दिया.''

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5. गौरी लंकेश को गाली देने वालों के फॉलोअर मोदी
बेंगलुरु में वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस हत्या की काफी लोगों ने निंदा की. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग थे, जिन्होंने लंकेश की हत्या को जायज़ ठहराते हुए गालियों का इस्तेमाल किया.
गाली देने वालों में से एक नाम था निखिल दधीचि का. दधिचि को ट्विटर पर फॉलो करने वालों में मोदी भी शामिल थे.
विपक्ष ने इस पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज किया.
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