BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 04 अक्तूबर, 2008 को 13:49 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
द्विकोण आसन और एक पद प्रणामासन

द्विकोण आसन की मुद्रा
द्विकोण आसन के अभ्यास से हमारे कंधे और रीढ़ के बीच की मांसपोशियाँ मज़बूत होती हैं
खड़े होकर किए जाने वाले आसन से शरीर के सभी अंगों में एक साथ खिंचाव आता है. इस दौरान कुछ पल के लिए एकाग्रता आती है और शरीर की प्राण ऊर्जा बढ़ती है.

द्विकोण आसन और प्रणामासन से शरीर में स्फूर्ति आती है और मस्तिष्क परिपक्व होता है. इस तरह योगासन के अभ्यास से हम शरीर, मन और मस्तिष्क में संतुलन बढ़ा सकते हैं.

द्विकोण आसन

सामान्य स्थिति में खड़े रहें और दोनों पैरों के बीच डेढ़ फुट का अंतर रखें. दोनों हाथों को कमर के पीछे ले जाएँ और अंगुलियों को आपस में मिला लें.

इस दौरान हाथ को सीधा रखें. पहले सांस भरें और फिर सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें. हाथों को 90 अंश के कोण तक ऊपर की ओर लेकर आएँ.

इस स्थिति में सांस बाहर रोककर रखें और सामने की ओर देखने का प्रयास करें. जिससे आपका चेहरा ज़मीन के समानांतर हो जाए.

इस अवस्था में कुछ देर रुकने के बाद सांस भरते हुए वापस आ जाएँ और हाथों को नीचे कर ढीला छोड़ दें. इस तरह इस आसन को पाँच बार दोहराएँ.

सावधानी

जिन्हें कंधों में दर्द की शिकायत हो ऐसे लोग इस आसन का अभ्यास न करें. कमर दर्द वाले लोग भी इस आसन का अभ्यास करने से बचें, क्योंकि कमर दर्द में आगे की तरफ झुकने से बचना चाहिए.

द्विकोण आसन के अभ्यास से हमारे कंधे और रीढ़ के बीच की मांसपोशियाँ मज़बूत होती हैं और इनका तनाव दूर होता है.

फेफड़ों में खिंचाव आता है और छाती का विकास और विस्तार ठीक ढंग से होता है.

इसके अभ्यास से गले का आकार भी सही होता है यानी गले और कंधे के बीच की चर्बी घटती है.

एक पद प्रणामासन

एक पद प्रणामासन की मुद्रा
एक पद प्रणामासन से तनाव संबंधी समस्या से काफ़ी हद तक छुटकारा मिलता है

सीधे खड़े हो जाएँ. दाएँ पैर को घुटने से मोड़ें और टखने को दाएँ हाथ से पकड़ें. दाएँ पैर के तलवे को बाएँ पैर की जाँघ के साथ मिलाकर ऊपर की ओर रखें. इस दौरान कोशिश करें कि आपका बाँया पैर सीधा रहे.

अपना ध्यान सामने की ओर किसी बिंदु पर केंद्रित करने का प्रयास करें. इस स्थिति में दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में ले आएँ. कोहनियों को शरीर के साथ लगाकर रखें.

दूसरी स्थिति में सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचें. हथेलियों को नमस्कार की मुद्रा में ही रखें.

हाथ और कंधों में खिंचाव महसूस करें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए हाथों को नमस्कार की मुद्रा में ही नीचे की ओर ले आएँ.

इस तरह एक पद प्रमाणासन का एक क्रम पूरा होता है. हाथों को नीचे कर लें और दाएँ पैर को भी नीचे कर लें. दूसरे पैर से भी एक पद प्रणामासन का अभ्यास करें.

प्रणामासन के लाभ

एक पद प्रणामासन के अभ्यास से तंत्रिका तंत्र में संतुलन आता है और कई तरह के तनाव दूर हो जाते हैं. मस्तिष्क का संतुलित विकास होता है और व्यक्तित्व में परिपक्वता आती है.

एक पद प्रणामासन के अभ्यास से शरीर और मन में संतुलन बनता है. जैसे-जैसे एकाग्रता बढ़ती जाएगी हम भावनात्मक और मानसिक स्तर पर परिपक्व होते चले जाएँगे.

(योग प्रशिक्षक सिद्धार्थ प्रसाद का विशेष कार्यक्रम आप हर शनिवार और रविवार को सुबह साढ़े छह बजे बीबीसी हिंदी सेवा के 'आज के दिन' कार्यक्रम में सुन सकते हैं. यह कार्यक्रम और यह लेख आपको कैसा लगा. आप अपनी राय हमें hindi.letters@bbc.co.uk पर भेज सकते हैं)

उत्थान आसनउत्थान आसन
उत्थान आसन और द्रुट उत्कटासन माँसपेशियों को सशक्त बनाता है.
पश्चिमोत्तासन (फ़ाईल फ़ोटो)योग जो रखे मन शांत
मन की शांति के लिए लाभदायक हैं जानूशीर्षासन और पश्चिमोत्तानासन.
कुक्कुटासन योग से एकाग्रता...
गर्भ पिंडासन, कुक्कुटासन से शरीर और मन में स्थिरता का भाव जागृत होता है.
वज्रासनयोग से भगाएँ थकान...
भू-नमनासन से काफ़ी देर तक बैठने या खड़ा रहने से आई थकावट दूर होती है.
पदमासन की एक मुद्रापदमासन के फ़ायदे...
पदमासन के अभ्यास से शरीर-मन शांत होता है और एकाग्राता बढ़ती है
कलाईकलाई के लिए आसन
जोड़ों के तनाव को दूर करने के लिए कुछ आसान से आसन.
जानू नमन आसन
घुटने और संबंधित मांसपेशियों को मज़बूत बनाने को करें जानू आसन.
इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>