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गूगल ने पूरे किए दस साल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के जाने-माने इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने अपने दस साल पूरे कर लिए हैं. दस साल पहले एक छोटे से गैरेज में दो युवा छात्रों ने 1700 डॉलर की पूँजी के साथ इसे शुरु किया था. आज ये 160 अरब डॉलर की कंपनी बन चुकी है. एक साधारण से कार गैरेज में दो युवकों - अमरीकी लैरी पेज और रूसी मूल के अमरीकी सर्गेइ ब्रिन – ने एक इस स्वप्न के साथ दफ़्तर खोला कि सारी दुनिया की सूचनाओं को संगठित और व्यवस्थित किया जाए. आज गूगल दुनिया का एक दिग्गज ब्रांड है. 70 प्रतिशत इंटरनेट उपभोक्ता सूचनाओं को खोजने के लिए गूगल का उपयोग करते हैं. इंटरनेट पर होनेवाले विज्ञापनों की 40 प्रतिशत कमाई अकेले गूगल की झोली में जाती है, आज पूरी दुनिया में 19,000 लोग मिलकर गूगल चलाते हैं. सूचनाएँ ढूँढ निकालने की सुविधा के अलावा पिछले दस साल में गूगल ने और भी कई तरह के नए काम किए हैं, जैसे ई-मेल, वर्ड डॉक्यूमेंट्स, तस्वीरों के सॉफ़्टवेयर, वीडियो, मानचित्र और अभी हाल ही में इंटरनेट पन्ना खोलनेवाला एक नया ब्राउज़र भी बाज़ार में उतारा है. कंपनी की उपाध्यक्ष मैरिसा मायेर कहती हैं कि अभी आगे संभावनाएँ और भी हैं. उन्होंने कहा, "अभी हमलोग जहाँ हैं, वह तो बहुत बड़ी बात है, लेकिन हम जहाँ पहुँच सकते हैं, उसके हिसाब से ये कुछ भी नहीं है, और आज हमारी दसवीं वर्षगांठ, एक ऐसा अवसर है जब हमें ना केवल अपनी उपलब्धियों पर ग़ौर करना चाहिए बल्कि अपने भविष्य के लिए भी प्रोत्साहित होना चाहिए". आलोचना लेकिन गूगल ने सूचनाएँ व्यवस्थित करने का जो बड़ा काम किया है उसका एक दूसरा पक्ष भी है. गूगल को उन आलोचकों की बातों का भी सामना करना पड़ रहा है जो गूगल द्वारा लोगों की व्यक्तिगत सूचनाओं का विशाल भंडार जमा किए जाने को लेकर चिंता जता रहे हैं. ये चिंता जताई जा रही है कि एक कंपनी ने लोगों की व्यक्तिगत सूचनाओं का जो ये समुद्र बना लिया है, उसका आगे इस्तेमाल कैसे किया जाएगा. उपभोक्ताओं की गोपनीयता की रक्षा के लिए काम करनेवाले एक संगठन सेंटर फ़ॉर डिजिटल डेमोक्रेसी के जेफ़ चेस्टर का कहना है कि गूगल लोगों की व्यक्तिगत सूचनाओं के आधार का ख़ुद तो फ़ायदा उठा ही सकता है, चाहे तो उसे अपने विज्ञापनदाताओं को भी देकर मोटी कमाई कर सकता है. मगर कंपनी ये कहते हुए अपना बचाव करती है कि गूगल का उपयोग करना-नहीं करना तो उपभोक्ताओं का अपना फ़ैसला है और गूगल का उद्देश्य ये रहता है कि वे अपने उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखें. आज पूरी दुनिया में 19,000 लोग मिलकर गूगल चलाते हैं. काम करने के लिए गूगल आज सबसे बेहतर जगह मानी जाती है, जहाँ कर्मचारियों को खाना मुफ़्त मिलता है, खेल-कूद की व्यवस्था होती है और कर्मचारियों की मालिश का भी इंतज़ाम है. मगर गूगल को पार्टियों से थोड़ा परहेज़ है, इसलिए आज गूगल की दसवीं सालगिरह पर कंपनी में कोई समारोह नहीं हो रहा. गूगल के एक प्रवक्ता का कहना है कि आज का दिन भी गूगल के लिए किसी और दिन के ही जैसा है. | इससे जुड़ी ख़बरें कई वेबसाइटें, एक ही आईडी!09 फ़रवरी, 2008 | विज्ञान मोबाइल की दुनिया में गूगल05 नवंबर, 2007 | विज्ञान चंद्रमा पर रोबोट के लिए प्रतियोगिता14 सितंबर, 2007 | विज्ञान यू ट्यूब पर अब दिखेंगे वीडियो विज्ञापन22 अगस्त, 2007 | विज्ञान माइक्रोसॉफ़्ट ने गूगल पर आरोप लगाए07 मार्च, 2007 | विज्ञान गूगल पर 200 साल पुरानी ख़बरें मिलेंगी06 सितंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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