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माइक्रोसॉफ़्ट ने गूगल पर आरोप लगाए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने इंटरनेट सर्च इंजन गूगल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. माइक्रोसॉफ़्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी टॉन रुबिन ने प्रकाशकों को दिए गए एक भाषण में गूगल पर 'व्यवस्थित ढंग से लेखकों के कापीराइट का उल्लंघन' करने का आरोप लगाया है. पिछले साल दिसंबर में माइक्रोसॉफ़्ट ने 'लाइव सर्च बुक्स' योजना के तहत उन किताबों को पाठकों तक पहुँचाने का काम शुरु किया है जिन पर कापीराइट की रोक लागू नहीं है. उधर गूगल अपने 'गूगल बुक्स सर्च' योजना के तहत उन किताबों और लेख के अंश भी पाठकों को पढ़ने देता है जो कापीराइट के तहत आते हैं. माइक्रोसॉफ़्ट का मानना है कि इससे लेखकों को होने वाला मुनाफ़ा घटता है. गूगल की योजना है कि वह पूरी दुनिया में उपलब्ध लाखों पुस्तकों और पत्रिकाओं को स्कैन कर अपने पाठकों को उपलब्ध कराएगा. उधर गूगल का कहना है कि वह कोई ग़लत काम नहीं कर रहा और उसकी योजना से लेखकों को फ़ायदा होता है क्योंकि उनका काम पाठकों तक पहुँचता है. बीबीसी संवाददाता गिट्टो हैरी का कहना है कि माइक्रोसॉफ़्ट के अधिकारी की टिप्पणी अपने प्रतिद्वंद्वी पर तीख़ा हमला है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि ये विवाद इस बात का संकेत है कि दोनो कंपनियों के बीच ऑनलाइन पर उपलब्ध सामग्री और सॉफ़्टवेयर के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें गूगल देगा वायरस के बारे में चेतावनी07 अगस्त, 2006 | पहला पन्ना गूगल के चित्रों से इसरो को चिंता08 जुलाई, 2006 | विज्ञान अब गूगल का वेब कैलेंडर भी14 अप्रैल, 2006 | विज्ञान गूगल से जानकारियाँ सौंपने को कहा गया19 मार्च, 2006 | विज्ञान गूगल की महाभंडारण योजना09 मार्च, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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