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गूगल देगा वायरस के बारे में चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्च इंजन गूगल ने अपनी साइट का इस्तेमाल करने वालों को उन वेबसाइटों के बारे में चेतावनी देनी शुरु की है जिससे इस्तेमाल करने वालों के कंप्यूटर को नुकसान हो सकता है. अगर गूगल के ज़रिए आप किसी ऐसे वेबसाइट के लिंक पर जाते हैं जिससे वायरस का ख़तरा हो तो गूगल की ओर से आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर एक चेतावनी दिखाई जाएगी. यह क़दम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई लोगों को इस तरह के वायरस वाले वेबसाइटों के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है. गूगल कई उन कंपनियों में से है जो कोशिश कर रहा है कि उनके ज़रिए दूसरे वेबसाइटों तक पहुंचने वाले लोगों को कम परेशानी हो. नेट पर नज़र कई कंपनियों ने मिलकर कुछ ऐसी वेबसाइटों की सूची बनाई है जो वायरस रखने या किसी भी अन्य प्रकार के नुकसानदेह प्रोग्राम रखने के लिए जाने जाते हैं. अगर आप गूगल के ज़रिए ऐसे किसी साइट पर जा रहे हैं जिसका नाम इस सूची में है तो गूगल आपको चेतावनी देगा. गूगल और कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी लेनोवो ने जनवरी 2006 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी जिसके तहत कई वायरस और ख़राब प्रोग्राम रखने वाले कई वेबसाइटों की पहचान की गई है. पहले तो ये चेतावनियां आम स्तर की होंगी जैसे आप जिस वेबसाइट पर जाना चाहते हैं वो ख़तरनाक हो सकती है लेकिन धीरे धीरे ये भी बताया जाने लगेगा कि इससे किस तरह का नुकसान हो सकता है. चेतावनी के ज़रिए गूगल बस लोगों को सावधान करना चाहता है और अगर चेतावनी के बाद भी लोग किसी वेबसाइट पर जाना चाहें तो जा सकते हैं. मई 2006 में वेबसाइटों से जुड़े शोध में यह बात सामने आई है कि सर्च इंजनों के ज़रिए दिखाए जाने वाले वेबसाइटों में चार से छह प्रतिशत वेबसाइटों में वायरस पाए गए हैं. कई शब्द मसलन फ्री स्क्रीनसेवर, स्क्रीनसेवन आदि टाइप कर सर्च करने पर वायरस वाले वेबसाइट मिलने की संभावना 64 प्रतिशत तक देखी गई है. |
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