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स्प्रे से 'सामाजिक भय' का इलाज संभव | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ज्यूरि्ख़ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को एक स्प्रे से 'सामाजिक भय' का इलाज करने की संभावना दिख रही है. इस स्प्रे का ये असर होता है कि अनजान व्यक्तियों पर विश्वास बढ़ जाता है. कुछ लोग समाज में अनजान लोगों के साथ मेल-जोल से कतराते हैं जिसे वैज्ञानिक 'सामाजिक भय' की संज्ञा देते हैं. वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया कि जो व्यक्ति ऑक्सिटोसिन नामक इस 'लव हार्मोन' को सूँघ लेता है, वह किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने लगता है, और तब भी भरोसा करता रहता है जब उसे कोई पैसे के मामले में धोखा देता है. इस दवा पर अभी प्रयोग चल रहे हैं लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रारंभिक संकेत सकारात्मक हैं. हार्मोन की सक्रियता ये ताज़ा परीक्षण न्यूरॉन पत्रिका में छपा है. दिमाग़ की जाँच में यह पता लगा कि यह हार्मोन दिमाग़ के उस हिस्से की गतिविधियों को कम कर देता है जो 'सामाजिक भय' अनुभव करने वाले लोगों में अतिसक्रिय हो जाता है. ऑक्सीटोसिन एक प्राकृतिक हार्मोन है. यह सामाजिक रिश्तों, माँ और बच्चे के क़रीबी रिश्ते और यहाँ तक कि यौन संबंधों के दौरान भी प्रमुख भूमिका निभाता है. इस अध्ययन के प्रमुख डॉक्टर थॉमस बॉमगॉर्टनर ने कहा, "हम यह पहली बार जान पाए हैं कि जब ऑक्सीटोसिन विश्वास बढ़ाता है तो वास्तव में दिमाग़ में क्या हो रहा होता है." हमें पता चला कि ऑक्सीटोसिन का अभाव कम से कम एक ऐसा कारण है जिससे लोग 'समाजिक भय' अनुभव करते हैं. " उन्होंने कहा कि हम अब इस निष्कर्ष पर पहुँचे हैं कि ऑक्सिटोसिन की कमी सामाजिक भय के कारणों में से एक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑक्सिटोसिन के इस्तेमाल से 'सामाजिक भय' की स्थिति को सुधारा जा सकता है. पहले हुए अध्ययन में पता चला था कि 'विश्वास के खेल' में प्रतिभागी इस हार्मोन के सूँघने के बाद अपने पैसे के साथ अधिक ख़तरा मोल लेने लगे थे. ये ऐसा खेल होता है जिसमें भाग लेने वालों को अन्य लोगों पर भरोसा कर उन्हें अपने कुछ पैसे देने होते हैं और ये दूसरे लोग तय करते हैं कि उस पैसे के निवेश के बाद होने वाले मुनाफ़े को वह पैसे देने वाले लोगों को लौटाते हैं या नहीं. 'विश्वास के खेल' में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की एफ़एमआरआई (फ़ंक्शनल मैगनेटिक रेज़ोनेंस इमेज़िंग) की गई. पता चला कि ऑक्सिटोसिन दिमाग़ के दो हिस्सों की गतिविधि कम कर देता है. पहला हिस्सा वह 'एमीग्डालाट जहाँ भय और ख़तरे की गतिविधियाँ नियंत्रित होती हैं. दूसरा हिस्सा है 'सैट्रियटम' जो पुरस्कार मिलने या न मिलने के आधार पर भविष्य का व्यवहार निर्धारित करता है. सामाजिक भय से पीड़ित लोगों के दिमाग में 'अम्यगडाला' अधिक सक्रिय पाया गया. इलाज की संभावना डॉक्टर थॉमस बॉमगॉर्टनर के सहयोगी प्रोफ़ेसर मार्क्स हेनरिच ने ऐसा अध्ययन शुरू किया है जहाँ सामाजिक भय से पीड़ित लोगों को संज्ञानात्मक या व्यवहारात्मक उपचार के रूप में ऑक्सिटोसिन या नकली ऑक्सिटोसिन दी गई. इसका परीक्षण अभी जारी है, लेकिन डॉक्टर थॉमस बॉमगॉर्टनर कहते हैं कि शुरूआती नतीज़े आशाजनक हैं. वह कहते हैं कि ऑक्सिटोसिन ऑटिज़म के शिकार लोगों के इलाज़ में भी भूमिका निभा सकता है. रुटजर्स विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक मॉरिसिओ डेलगाडा कहते हैं कि इस अध्ययन का मानसिक असंतुलन से ग्रस्त लोगों का व्यवहार समझने में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है. |
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