|
मस्तिष्क की बीमारियों के लिए उम्मीद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में हुए नए शोध से पक्षाघात और मस्तिष्क संबंधी दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण दिखाई पड़ रही है. वहाँ वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि स्टेम सेल्स यानी स्टेम कोशिकाओं के उपयोग से मस्तिष्क की कोशिकाओं को हुए नुक़सान को दूर किया जा सकता है. सैन फ़्रांसिस्को में चूहों पर किए गए प्रयोगों से पता चला है कि स्नायुविक कोशिकाओं से निकाली गई स्टेम कोशिकाएँ बड़े काम की हैं. यदि इसी तरह के प्रयोग मानव शरीर पर भी सफल हुए तो पक्षाघात या मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के मरीज़ों को लाभ हो सकता है. इससे पहले यह साबित हो चुका है कि चूहों और मनुष्य दोनों में प्राकृतिक स्टेम कोशिकाएँ पर्याप्त मात्रा में पाई जाती हैं. वैज्ञानिक मान रहे हैं कि ये स्टेम कोशिकाएँ पर्किन्सन्स और इपिलेप्सी जैसी बीमारियों के इलाज में काम आएँगीं. ये शोध कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी में किया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें शरीर की कोशिका से टीबी का इलाज 09 नवंबर, 2006 | विज्ञान स्टेम कोशिका अनुसंधान को हरी झंडी24 जुलाई, 2006 | विज्ञान 'कोरियाई मानव भ्रूण क्लोनिंग नकली थी'23 दिसंबर, 2005 | विज्ञान मानव क्लोनिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता19 मई, 2005 | विज्ञान बड़े मस्तिष्क का बुद्धि से कोई संबंध नहीं19 फ़रवरी, 2005 | विज्ञान दाँत की सफ़ाई से दिल को फ़ायदा!12 फ़रवरी, 2005 | विज्ञान दिमाग़ी बुख़ार क्या है?14 जुलाई, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||