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मानव के बराबर बुद्धिमान होंगी मशीनें | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के एक प्रमुख आविष्कारक के अनुसार अगले बीस वर्षों में मशीनें भी मानव के स्तर की 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता ' विकसित कर लेंगी. नई चीज़ों का आविष्कार करने वाले रे कुर्ज़वील कहते हैं, "मानवता अब तरक्की के उस रास्ते पर है जिसमें हम देखेंगे कि छोटे-छोटे रोबोट को मानव के मस्तिष्क में प्रत्यारोपित कर कैसे हम उसे और भी अधिक बुद्धिमान बना सकते हैं." उनके अनुसार इंजीनियरों का मानना है कि मानव शरीर में अगर मशीन को प्रत्यारोपित कर एक-दूसरे के साथ मिला दिया जाए तो बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है. कुर्ज़वील कहते हैं, "वास्तव में यह हमारी जीवन शैली का हिस्सा है. लेकिन इसे मानव जाति को तबाह करने वाले किसी दूसरे ग्रह की बुद्धिमान मशीन के हमले की तरह नहीं समझना चाहिए." वे कहते हैं, "मशीनें पहले से ही अनेक क्षेत्रों में मानव की बुद्धिमत्ता के बराबर या ज़्यादा बेहतर सैंकड़ों तरह के काम कर रही हैं और मानव इनके आदी भी हो चुके हैं." मानव और मशीन उन्होंने कहा, "मैंने ऐसा प्रयोग किया है कि 2029 तक हम हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर दोनों क्षेत्रों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता समेत मानव के स्तर की बुद्धिमत्ता हासिल कर सकते हैं."
उनका कहना है कि हम पहले ही मशीनी जीवन में रह रहे हैं. मानसिक और शारीरिक रूप से हम अपनी तकनीक को बढ़ाते जा रहे हैं. यह इसका ही एक और वृहद रूप होगा. उन्होंने कहा, "मानव और मशीन को मानव शरीर में कुछ उपकरणों को प्रत्यारोपित कर मिला दिया जाएगा ताकि वे अधिक स्वस्थ रहें और अपनी बुद्धिमत्ता को बेहतर बना सकें." उन्होंने बीबीसी से कहा, "हमारे पास बुद्धिमान नैनोबोट होंगे जो रक्तवाहिनियों के माध्यम से हमारे मस्तिष्क में पहुँचाए जाएँगे ताकि वे सीधे हमारे जीववैज्ञानिक न्यूरॉन के संपर्क में आ सकें." उन्होंने कहा, "यह नैनोबोट हमें ज़्यादा स्मार्ट बनाने के साथ हमारी याददाश्त को भी बेहतर बनाएंगे." कुर्ज़वील उन 18 लोगों में शामिल हैं जिन्हें अमरीका की नेशनल अकादमी ऑफ़ इंजीनियर्स ने 21वीं शताब्दी में मानवता को चुनौती देने वाली महान तकनीकों को पहचानने के लिए चुना गया है. इन विशेषज्ञों में गूगल के संस्थापक लैरी पेज और जीनोम के खोजकर्ता डा क्रेग वेंटर भी शामिल हैं. बोस्टन में हुई अमेरिकन एसोसिएशन फ़ॉर द एडवांसमेंट ऑफ़ साइंस की सोमवार को समाप्त हुई वार्षिक बैठक में ऐसी 14 चुनौतियों के बारे में बताया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें आई-स्नेक से आसान होगी सर्जरी29 दिसंबर, 2007 | विज्ञान चंद्रमा पर रोबोट के लिए प्रतियोगिता14 सितंबर, 2007 | विज्ञान जब रोबोट माँगेंगे अपना क़ानूनी अधिकार22 दिसंबर, 2006 | विज्ञान 'वाकामारू' ज़रा एक गिलास पानी देना!30 अगस्त, 2005 | विज्ञान रोबोट बनने जा रहा है घर का स्थाई सदस्य!24 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान रोबोट करेगा लोगों से बातचीत04 मार्च, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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