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पीठ दर्द में साधारण उपचार बेहतर | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं का मानना है कि पीठ दर्द के लिए पैरासिटामोल लेना और सक्रिय रहना सबसे बेहतर इलाज है. शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इसके लिए अन्य उपचार काम नहीं करते. चिकित्सा पत्रिका लांसेट ने पीठ के दर्द से पीड़ित 240 लोगों पर किए एक अध्ययन में पाया कि प्रज्वलनरोधी दवाएं और पीठ के व्यायाम से रोगी के ठीक होने के समय में कोई अंतर नहीं पड़ता. लेकिन इसके बावजूद वर्तमान में दोनों ही उपचारों की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि रोगियों को यह आश्वासन देने की जरूरत है कि आराम से बचना और पैरासिटामोल लेना उनके लिए कारगर होगा. सिडनी विश्नविद्यालय के शोधकर्ताओं ने रोगियों को ‘डिक्लोफेनैक’ नाम की एक प्रज्वलनरोधी दवा या एक नकली दवा, पीठ के व्यायाम या नकली व्यायाम चिकित्सा लेने के लिए निर्दिष्ट किया. इन रोगियों को उनके चिकित्सकों ने पहले ही सक्रिय रहने, आराम से बचने और दर्द के लिए पैरासिटामोल लेने की सलाह दी हुई थी. अध्ययन में 12 सप्ताह के बाद पाया गया कि जिन रोगियों ने डिक्लोफेनैक ली थी और पीठ का व्यायाम किया था उनके और अन्य रोगियों के ठीक होने के समय में कोई अंतर नहीं था. अध्ययन के समाप्त होने तक लगभग सभी रोगी स्वस्थ हो गए थे चाहे उन्होंने कैसा भी उपचार लिया था. विपरीत प्रभाव अध्ययन के प्रमुख मार्क हैनकॉक का कहना है कि अतिरक्त उपचार से कोई फायदा मिला. उन्होंने बताया कि डिक्लोफेनैक या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं और पीठ के व्यायाम दोनों ही विपरीत प्रभावों से जुड़े हैं. हैनकॉक का कहना था कि चिकित्सक प्रज्वलनरोधी दवाओं या पीठ के व्यायाम के खतरों और कीमत से रोगियों को बचाकर भी विश्वास के साथ उनका उपचार कर सकते हैं. बर्मिंघम विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान स्कूल के वरिष्ठ व्याख्याता और दर्द में विशेषज्ञ डा. स्टुअर्ट डर्बीशर भी अध्ययन के परिणामों से सहमत हैं. उनका कहना है कि अधिकतर लोगों को तेज दर्द के दौर में साधारण देखभाल और सलाह मिलने से फायदा होता है और वो इस दौर के समाप्त होने पर सामान्य जीवन की और लौट पाते हैं. बीमारी के कारण काम से अनुपस्थिति में पीठ दर्द एक सबसे बड़ा कारण है. ‘बैककेयर’ की मुख्याधिकारी निआ टेलर का कहना है कि लोगों के लिए मूल मंत्र है कि वो चलते फिरते रहें. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में एक रोगी को चिकित्सक के साथ बात करने के लिए लगभग 10 मिनट का समय मिलता है और यह समय रोगी को उपयुक्त सलाह देने और यह समझाने के लिए पर्याप्त नहीं है कि ठीक होने के लिए उसे पैरासिटामोल लेना और सक्रिय रहना ही काफी है. | इससे जुड़ी ख़बरें नींद पूरी न हो तो...28 जनवरी, 2003 | विज्ञान 'पिता बनने की क्षमता घटाए मोबाइल'28 जून, 2004 | विज्ञान 24/7 जीवन शैली के ख़तरनाक प्रभाव08 सितंबर, 2006 | विज्ञान ज़्यादा वज़न, हृदय रोगों का ख़तरा ज़्यादा26 सितंबर, 2004 | विज्ञान सुइयाँ चुभो कर माइग्रेन का इलाज02 मार्च, 2006 | विज्ञान कड़े बिस्तर से फ़ायदा नहीं15 नवंबर, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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