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कड़े बिस्तर से फ़ायदा नहीं
चिकित्सकों का कहना है कि पीठ दर्द से परेशान लोगों को कड़े बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए. चिकित्सा क्षेत्र की पत्रिका 'द लांसेट' में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रीढ़ की हड्डी में परेशानी वाले लोगों के लिए सबसे उपयुक्त बिस्तर वो होगा जो न तो ज़्यादा कड़ा हो और न ज़्यादा नरम. यह रिपोर्ट स्पेन में 300 लोगों पर किए गए अध्ययन पर आधारित है. अध्ययन में शामिल वैसे लोगों ने रात की नींद के बाद कम पीठ दर्द की शिकायत की जिन्हें अपेक्षाकृत मुलायम गद्दे पर सुलाया गया था. ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों में पीठ दर्द की शिकायतें आम हैं. महत्वपूर्ण परिणाम स्पेन में हुए ताज़ा अध्ययन सामान्य पीठ दर्द पर केंद्रित था, यानी इसमें गठिया के रोगियों या रीढ़ की हड्डी में चोट की शिकायत वाले लोगों को शामिल नहीं किया गया था. इसमें शामिल लोगों में से आधे को सोने के लिए कड़े बिस्तर दिए गए थे, जबकि आधे को न ज़्यादा कड़ा न नरम. तीन महीनों तक चले परीक्षण के बाद रोगियों की राय ली गई. इसमें सामान्य गद्दे पर सोने वालों की स्थिति कड़े गद्दे पर सोने वालों से बेहतर पाई गई. ताज़ा अध्ययन के परिणाम को महत्वपूर्ण बताते हुए ऑस्ट्रेलिया में मेलबोर्न विश्विद्यालय के स्पोर्ट्स मेडीसिन रिसर्च सेंटर के जेनी मैककोनेल ने कहा कि इससे हड्डी रोग विशेषज्ञों की यह राय बदल जाएगी कि कड़े बिस्तर पीठ की दर्द वाले रोगियों के लिए उपयुक्त होते हैं. |
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