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मंगल के 'आधे' हिस्से में बर्फ़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के वैज्ञानिकों का कहना है कि नए आकड़ों के अनुसार मंगल ग्रह के कम से कम आधे हिस्से में बर्फ़ ही बर्फ़ हो सकती है. वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह से आकड़े लेने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया है जिससे ग्रह की सतह पर पानी होने संबंधी विश्वसनीय जानकारी मिलती है. ये आकड़े फिनिक्स मार्स मिशन के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं जिसके तहत अगस्त में मंगल ग्रह पर एक मशीन भेजी जानी है जो वहां बर्फ़ निकालने का काम करेगा. नए आकड़ों से पता चल रहा है कि बर्फ मंगल ग्रह की ज़मीन के कितने नीचे है. मौसमी बदलाव वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ग्रह पर इतना बर्फ़ जमा होने की संभावना है कि अगर यह बर्फ़ पिघली तो पूरे ग्रह को डूबा दे और समुद्र बना दे. अभी तक वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर कुछ स्थानों पर पानी होने की ही जानकारी मिली थी. नई तकनीक के ज़रिए अब वैज्ञानिक मौसम में बदलाव पर भी नज़र रख रहे हैं और आकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं जिससे और अधिक विश्वसनीय जानकारी मिल पा रही है. नई तकनीक बनाने वाले वैज्ञानिक डॉ बैंडफ़ील्ड कहते हैं कि मंगल ग्रह के आधे या तिहाई हिस्से में बर्फ भरे होने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें मंगल पर जीवन के नए सबूत मिले20 सितंबर, 2004 | विज्ञान फ़ीनिक्स मंगल अभियान को मंज़ूरी03 जून, 2005 | विज्ञान स्पिरिट ने मंगल की नई तस्वीरें भेजीं08 सितंबर, 2005 | विज्ञान मंगल ग्रह धरती के क़रीब आया29 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान मंगल ग्रह से मिली अंतरिक्ष-यान को ऊर्जा25 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान मुस्कुराता हुआ मंगल12 अप्रैल, 2006 | विज्ञान 'मंगल की सतह पर बहा पानी'07 दिसंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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