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स्पिरिट ने मंगल की नई तस्वीरें भेजीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंगल ग्रह पर भेजे गए रोवर यान ने पिछले दिनों कुछ बेहतरीन तस्वीरें भेजीं हैं जो आगे की खोजबीन में सहायता कर सकतीं हैं. अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी के रोवर यान स्पिरिट ने मंगल ग्रह पर एक पहाड़ी से ख़ूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं. यह तस्वीरें मंगल ग्रह पर स्थित पहाड़ी हसबैंड हिल से भेजी गईं हैं जो गुसेव क्रेटर के पास है. 14 महीनों के प्रयास के बाद, अगस्त महीने के अंत में स्पिरिट रोवर यान इस पहाड़ की चोटी पर पहुँचा था. जनवरी 2004 से यह यान मंगल ग्रह के इस बड़े क्रेटर की छान-बीन कर रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यहाँ पहले एक झील थी. कोलंबिया की याद अपने उतरने की जगह के आसपास के क्षेत्र का मुआयना करने के बाद इस रोवर यान को कोलंबिया हिल नाम के क्षेत्र में भेजा गया. मंगल ग्रह पर विभिन्न जगहों के नाम 2003 में दुर्घटनाग्रस्त हुई अंतरिक्ष शटल कोलंबिया में मारे गए सात अंतरिक्ष यात्रियों के नाम पर रखे गए है. शटल के कमांडर रिक हसबैंड के नाम पर इस क्षेत्र के एक पहाड़ का नाम हसबैंड हिल रखा गया है. मंगल ग्रह की खोजबीन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम के एक प्रमुख वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर स्टीव स्क्वैरेस का कहना है,"हमने 360 डिग्री कोण वाली मंगल ग्रह की एक बेहद ख़ूबसूरत तस्वीर खीचीं है. मेरा मानना है कि यह इस कार्यक्रम की एक प्रमुख सफलता होगी." तस्वीर
पिछले सप्ताह जारी की गई इस तस्वीर में हसबैंड हिल की चोटी से स्पिरिट को 240 डिग्री तक दिखाई दे रहे दृश्य का नज़ारा है. वैज्ञानिक इस तस्वीर के आधार पर उन क्षेत्रों का पता लगाएँगे जहाँ पर आगे खोज-बीन का काम किया जा सकता है. वाशिंग्टन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रोफ़ेसर स्टीव स्क्वैरेस ने कहा,"सामान्य तौर पर भूवैज्ञानिक एक पहाड़ की चोटी से आसपास के क्षेत्र का मुआयना करके इस बात का निर्णय लेते हैं कि कहाँ से काम शुरु किया जाना है और इस मामले में स्पिरिट एक रोबोट भूवैज्ञानिक ही तो है." अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान भी स्पिरिट से लगातार तस्वीरें मिल रहीं थीं. महत्व हसबैंड हिल से आसपास का निरीक्षण करने के बाद इस कार्यक्रम के वैज्ञानिक दक्षिणी क्षेत्र की खोजबीन करने की योजना बना रहे है. अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों से वैज्ञानिकों को पता था कि दक्षिणी भाग में विविधतापूर्ण भूमि है. लेकिन यह तस्वीरें ऐसी नहीं थी जिनसे वहाँ पहुँचने की योजना बनाई जा सके. अब स्पिरिट से भेजी गई तस्वीरें वैज्ञानिकों को इस मामले में मदद करेंगीं. इस कार्यक्रम के एक सदस्य के अनुसार स्पिरिट के दक्षिणी ओर के ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र का एक भाग भूवैज्ञानीय दृष्टिकोण से बेहद उपयोगी है. मंगल से भेजी गई तस्वीर में एक अजीब गोलाकार जगह दिखाई दे रही है जिसे "होम प्लेट" कहा गया है. इसके साथ-साथ कोलंबिया पर्वत श्रृंख्ला की दो अन्य चोटियाँ भी दिखाई दे रहीं हैं. चोटियों के नाम इन चोटियों को कोलंबिया अंतरिक्ष शटल के चालक दल के दूसरे सदस्यों इयान रामॉन और विलियम मैक्कूल के नाम पर रामॉन हिल और मैक्कूल हिल नाम दिया गया है. प्रोफ़ेसर स्टीव स्क्वैरेस का कहना है कि अगर स्पिरिट रोबोट सही तरीक़े से काम करता रहा तो मंगल ग्रह की अगली सर्दियों में उसे मैक्कूल हिल पर काम करने के लिए भेजा जाएगा. इसबीच मंगल पर स्पिरिट के साथ भेजा गया दूसरा यान अपॉर्चुनिटि ग्रह के दूसरी ओर ‘मेरीडिएनी प्लैनम’ नाम की जगह पर गहरे लाल रंग के रेतीले टीलों की खोज-बीन कर रहा है. अपॉरच्युनिटि रोवर यान ने इरेबस क्रेटर के उत्तर में ज़मीन से बाहर निकली हुई चट्टानों की पतली उपरी सतह का विश्लेषण करते हुए कई दिन बिताए हैं. चट्टान के कुछ हिस्से पर सतह की इस विशेषता को "लेमन रिंग" कहा जाता है. कैमरे से मिले चित्रों में लेमन रिंग का रंग आसपास की चट्टानों के अलग दिखाई देता है. ऐसा लगता है कि यह आसपास उभरी चट्टानों की तुलना में हवा से होने वाले कटाव को ज़्यादा अच्छी तरह से झेल सकता है. |
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