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हबल का मुख्य कैमरा बंद हुआ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आकाशगंगा की तस्वीर लेने के लिए अंतरिक्ष में तैनात हबल स्पेस टेलीस्कोप के मुख्य कैमरे ने काम करना बंद कर दिया है. अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि बिजली प्रणाली में ख़राबी आ जाने के कारण ऐसा हुआ है. अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस अत्याधुनिक कैमरे में आई ख़राबी को 'भारी क्षति' करार दिया है. हबल से ब्रह्मांड के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलती रही हैं और इसने कुछ तारों की स्पष्ट तस्वीरें भेजी हैं. इसे वर्ष 2002 में स्थापित किया गया था. नासा का कहना है कि काफी कोशिश के बाद भी कैमरे की सिर्फ़ एक तिहाई क्षमता को ही दुरूस्त किया जा सकेगा. अभी तय कार्यक्रम के मुताबिक वर्ष 2008 में हबल टेलीस्कोप को नए कैमरे से लैस करना था. ब्रह्मांड के सर्वेक्षण के लिए इस्तेमाल होने वाले इस तरह के अत्याधुनिक कैमरों में तीन अलग-अलग कैमरे होते हैं जो पराबैंगनी से लेकर अवरक्त यानी इन्फ्रारेड प्रकाश किरणों का पता लगा लेता है. वैज्ञानिक हबल के अन्य हिस्सों का इस्तेमाल अभी भी कर सकते हैं लेकिन मुख्य कैमरा ख़राब होना एक बड़ी क्षति है. स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट के मैरियो लिवियो का कहना है, "विज्ञान प्रगति करता रहेगा लेकिन निश्चित रूप से यह एक भारी क्षति है." हबल टेलीस्कोप वर्ष 1990 से ही पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें फ़्लोरिडा में उतारा गया डिस्कवरी यान23 दिसंबर, 2006 | विज्ञान सुनीता ने अंतरिक्ष में चहलक़दमी की17 दिसंबर, 2006 | विज्ञान अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की उड़ान टली 08 दिसंबर, 2006 | विज्ञान 'मंगल की सतह पर बहा पानी'07 दिसंबर, 2006 | विज्ञान यात्री ने अंतरिक्ष में लगाया गॉल्फ़ का शॉट23 नवंबर, 2006 | विज्ञान भारतीय दल अंतरिक्ष में भेजने का प्रस्ताव07 नवंबर, 2006 | विज्ञान महिला अंतरिक्ष पर्यटक लौटीं29 सितंबर, 2006 | विज्ञान हबल टेलिस्कोप निष्क्रिय किया जाएगा17 जनवरी, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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