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यात्री ने अंतरिक्ष में लगाया गॉल्फ़ का शॉट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक रूसी अंतरिक्ष यात्री ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर से गोल्फ़ का शॉट लगाकर इतिहास रचा है. फ़्लाइट इंजीनियर मिखाइल ट्यूरिन डॉकिंग पोर्ट के पास सीढ़ी पर खड़े हुए और शॉट लगाया. गॉल्फ़ की ये गेंद कितनी दूर जाएगी उस पर विशेषज्ञों की राय अलग अलग है. गॉल्फ़ कंपनी ऐलीमेंट 21 गॉल्फ़ का कहना है कि ये तीन साल तक उड़ती रहेगी जबकि अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक इस बात की संभावना ज़्यादा है कि धरती के वायुमंडल में गिर जाएगी और तीन दिन के अंदर जल जाएगी. टीवी विज्ञापन वैसे ये अंतरिक्ष में लगाया जाने वाला पहला शॉट नहीं था. इससे पहले अमरीकी अंतरिक्ष यात्री ऐलन शेप्पर्ड ने चाँद से गॉल्फ़ का शॉट लगाया था जब 1971 में वे अपोलो 14 के कमांडर थे. पर दूरी तय करने के मामले में इस बार गॉल्फ़ की गेंद रिकॉर्ड बना सकती है. रूसी यात्री ने अपने जीवन में सिर्फ़ दो बार गॉल्फ़ खेली है और भारी-भरकम स्पेससूट के चलते उन्होंने शॉट में केवल एक बाजू का प्रयोग किया. मिखाइल ट्यूरिन के साथ उड़ रहे स्टेशन कमांडर माइकल लोपेज़ ने इस घटना को कैमरे में क़ैद किया और इसका इस्तेमाल एक टीवी विज्ञापन में किया जाएगा. धन जुटाने के लिए रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने इस तरह के कई क़दमों की इजाज़त दी है. इसके अलावा पीत्ज़ा हट को भी रॉकेट पर अपना लोगो लगाने की अनुमति मिली है. अंतरिक्ष में गॉल्फ़ का शॉट लगाने की योजना में कई महीने की देरी हुई क्योंकि अमरीकी क़ानून के तहत नासा निजी स्तर पर धन नहीं जुटा सकती. नासा ने पहले ये सुनिश्चित किया कि गेंद वापस घूमकर अंतरिक्ष स्टेशन से नहीं टकराएगी. नासा फ़्लाइट निदेशक हॉली राइडिगंस ने कहा है कि ये पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है. | इससे जुड़ी ख़बरें डिस्कवरी की उड़ान टली01 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुनी गई हैं सुनीता07 मई, 2006 | पहला पन्ना अंतरिक्ष से दिखती है चीन की दीवार19 अप्रैल, 2005 | पहला पन्ना आकाशगंगाओं की 10 हज़ार तस्वीरें10 मार्च, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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