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हबल टेलिस्कोप निष्क्रिय किया जाएगा
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा हबल स्पेस टेलिस्कोप की देखरेख के लिए जाने वाले सभी शटल मिशनों को रोक रहा है और इसका मतलब है कि हबल अगले चार साल में पूरी तरह निष्क्रिय हो जाएगा. अंतरिक्ष एजेंसी ने यह फ़ैसला इस वजह से लिया है क्योंकि राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के नए अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत इस अंतरिक्ष शटल को 2010 तक समाप्त हो जाना है. अमरीका इसके बजाय चंद्रमा और मंगल पर अभियान भेजने पर ज़्यादा ध्यान देगा. नासा के प्रमुख वैज्ञानिक जॉन ग्रन्सफ़ेल्ड ने कहा, "यह एक दुखद दिन है लेकिन अंतरिक्ष समुदाय के लिए इससे अच्छा और कुछ हो ही नहीं सकता था". अब यह तय किया गया है कि हबल की मदद के लिए जो भी उड़ानें जाती थीं उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना में मदद देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
लगभग एक साल पहले कोलंबिया शटल के नष्ट हो जाने के बाद से इन उड़ानों को रोक दिया गया था. ग्रन्सफ़ेल्ड का कहना था कि इन मिशनों पर रोक के बावजूद हबल 2008 तक सक्रिय रहेगा. नई दिशा दी हबल ने वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता माइकेल बुशानन का कहना है कि 1990 में बने इस टेलिस्कोप ने अंतरिक्ष विज्ञान को एक नई दिशा दी है. इसने पृथ्वी पर जो चित्र भेजे हैं उनसे ब्रह्मांड की वास्तविक आयु का पता चलता है-जिसे तेरह अरब साल आँका गया है. हबल की देखरेख करने वाले मिशनों को कई वर्षों के अंतराल पर वहाँ जा कर घिस गए और ख़राब हुए हिस्सों को बदलने का काम करना पड़ता है. नासा ने हबल दूरबीन को अंतरिक्ष में स्थापित करने में क़रीब ढाई अरब डॉलर ख़र्च किए हैं. इसकी एक सर्विसिंग पर लगभग 50 करोड़ डॉलर की लागत आती है. धरती की सतह से 600 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगा रही हबल 11 टन वज़न की है. धरती का एक चक्कर लगाने में इस क़रीब 100 मिनट लगते हैं. इसकी लंबाई 13.2 मीटर और अधिकतम व्यास 4.2 मीटर है. हबल दूरबीन प्रतिदिन 10 से 15 गिगाबाइट आँकड़े जुटाती है. इसने जो आँकड़े भेजे हैं उनके आधार पर 3000 से ज़्यादा अनुसंधान रिपोर्टें प्रकाशित की जा चुकी हैं. |
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