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सुनीता ने अंतरिक्ष में चहलक़दमी की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में चहलक़दमी करते हुए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) के इलेक्ट्रिक वायरिंग को दुरूस्त करने में सहयोग दिया है. अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने तीसरी बार अंतरिक्ष में चहलक़दमी की अनुमति दी थी. इलेक्ट्रिक वायरिंग का काम पूरा होने के बाद अब अंतरिक्ष यात्री एक और स्पेसवॉक करेंगे. इस दौरान सौर ऊर्जा के लिए बने सोलर पैनल को ठीक करने की कोशिश की जाएगी. आईएसएस की वायरिंग बदलने की ज़िम्मेदारी सुनीता विलियम्स और रॉबर्ट कर्बीम को सौंपी गई थी. अमरीका में ह्यूस्टन स्थित निगरानी केंद्र का कहना है कि इलेक्ट्रिक वायरिंग दोबारा होने के बाद बिजली प्रणाली बिना किसी दिक्कत के काम कर रही है. सोलर पैनल वायरिंग बदलने के लिए पहले अनुभवी स्पेसवॉकर रॉबर्ट कर्बीम आईएसएस से बाहर निकले. इसके बाद बारी सुनीता विलियम्स की थी. उन्होंने पहली बार अंतरिक्ष में चहलक़दमी का अनुभव लिया.
अब अंतरिक्षयात्रियों को आईएसएस के उपर लगे सोलर पैनल को ठीक करना होगा. रिमोट कंट्रोल से संचालित करते समय इसमें कुछ दिक्कत आ गई थी और यह जाम हो गया है. लगभग 35 मीटर लंबा सोलर पैनल आईएसएस में ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य साधन है. आईएसएस को बनाने में लगभग 100 अरब डॉलर की लागत आएगी. इसे पूरा करने के लिए भविष्य में कम से कम 14 बार और अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस पर जाना होगा. डिस्कवरी ने वर्ष 2003 में अंतरिक्षयान कोलंबिया के दुर्घटनाग्रस्त होने के लगभग चार साल बाद पिछले हफ़्ते उड़ान भरी. तय कार्यक्रम के अनुसार इसे 21 दिसंबर को केनेडी स्पेस सेंटर पर वापस लौटना है. | इससे जुड़ी ख़बरें डिस्कवरी ने उड़ान भरी10 दिसंबर, 2006 | विज्ञान अंतरिक्ष यान डिस्कवरी की उड़ान टली 08 दिसंबर, 2006 | विज्ञान महिला अंतरिक्ष पर्यटक लौटीं29 सितंबर, 2006 | विज्ञान अटलांटिस का सफल प्रक्षेपण09 सितंबर, 2006 | विज्ञान आज उड़ान भरेगा डिस्कवरी04 जुलाई, 2006 | विज्ञान नासा फिर अंतरिक्ष उड़ानें शुरू करेगा17 जून, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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