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अटलांटिस का सफल प्रक्षेपण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अमरीकी अंतरिक्ष यान अटलांटिस ने फ़्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी है. इससे पहले कुछ हफ़्तों से अटलांटिस का प्रक्षेपण तकनीकी कारणों से टल रहा था. वर्ष 2003 की कोलंबिया यान दुर्घटना के बाद से अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण केवल दिन में करने का फ़ैसला किया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि उड़ान के दौरान ईंधन के बाहरी टैंक का ध्यान से अध्ययन किया जा सके. वर्ष 2003 के बाद निर्माण कार्य इस पर सवार छह यात्री रूस और अमरीका के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में फिर से निर्माण कार्य शुरू करने जा रहे हैं. इस स्टेशन पर पिछले आठ साल से निर्माण कार्य चल रहा है. फ़रवरी 2003 में कोलंबिया यान दुर्घटना के बाद ये निर्माण कार्य रुका हुआ था. उस दुर्घटना में भारतीय मूल की कल्पना चावला समेत सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे. सौ अरब डॉलर की लागत से बनने वाले इस अंतरिक्ष स्टेशन को 2010 में अंतरिक्ष यानों के बेड़े की समय अवधि पूरा होने से पहले तैयार किए जाने का लक्ष्य है. अटलांटिस में छह अंतरिक्ष यात्री वहाँ बिजली उत्पादन के लिए सौर पैनल लेकर गए हैं और इसके स्थापित होने से स्पेस स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता दोगुनी हो सकेगी. इससे अंतरिक्ष स्टेशन की तीन प्रयोगशालाओं के अलावा कुछ और हिस्सों को बिजली की आपूर्ति हो सकेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें नासा के नए मंगल अभियान की शुरुआत12 अगस्त, 2005 | विज्ञान नासा ने अगला अंतरिक्ष अभियान टाला12 अगस्त, 2005 | विज्ञान डिस्कवरी की सफल वापसी09 अगस्त, 2005 | विज्ञान 'डिस्कवरी की वापसी स्थगित'07 अगस्त, 2005 | विज्ञान डिस्कवरी की और मरम्मत की योजना04 अगस्त, 2005 | विज्ञान डिस्कवरी की मरम्मत पूरी03 अगस्त, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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