BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 02 अक्तूबर, 2006 को 14:31 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ईरानी मर्दों में बढ़ा प्लास्टिक सर्जरी का चलन
हुसैन
हुसैन बताते हैं कि कई युवा सुंदर दिखने के लिए ऐसा करवा रहे हैं
सुंदर दिखने की चाह में प्लास्टिक सर्जरी कराना महिलाओं के लिए आम है लेकिन ईरान में पिछले कुछ समय से पुरुषों में भी यह चलन तेज़ी से बढ़ा है.

ऐसी सर्जरी ख़ासकर नाक, गाल और पलकों की कराई जा रही है ताकि चेहरा सुंदर दिखे.

राजधानी तेहरान में प्लास्टिक सर्जरी कराने का चलन किस तरह बढ़ा है इसका पता इसी बात से चलता है कि सर्जरी करने वाले डॉक्टरों में से एक डॉक्टर माजिद नवाब अपने करियर में इस तरह के लगभग 30,000 ऑपरेशन कर चुके हैं.

जबकि ब्रिटेन के प्लास्टिक सर्जरी एसोसिएशन के सभी डॉक्टरों ने पिछले एक वर्ष के अंदर कुल मिलाकर केवल 7000 ऑपरेशन किए है.

डॉक्टर नवाब कहते हैं कि ज़्यादातर युवा लड़कियों को रिझाने की होड़ की वजह से सर्जरी कराते हैं जबकि कुछ प्रौढ़ लोग अपनी महिला मित्रों का साथ पाने के लिए ऐसा करवाते हैं.

बदली मानसिकता

ईरान में प्लास्टिक सर्जरी कराने के लेकर लोगों की मानसिकता में भी बदलाव आया है.

 आज ईरान में यह सामान्य बात है लेकिन 10 साल पहले कोई पुरुष यह करवाता तो लोग उसपर हँसते और उसका मज़ाक उड़ाते
हुसैन, प्लास्टिक सर्जरी कराने वाला एक युवा

नाक की सर्जरी कराने वाले हुसैन का कहना है, "आज ईरान में यह सामान्य बात है लेकिन 10 साल पहले कोई पुरुष यह कराता तो लोग उसपर हँसते और उसका मज़ाक उड़ाते."

हुसैन विश्वविद्यालय के छात्र हैं और उनके पिता एक व्यवसायी हैं. हुसैन की माँ, भाई और कुछ दूसरे रिश्तेदार भी ऐसी प्लास्टिक सर्जरी करा चुके हैं और इस बारे में हुसैन कहते हैं कि आज हर कोई सुंदर दिखना चाहता है.

शुरू में ईरानी महिलाएँ नाक की ही सर्जरी कराती थीं क्योंकि महिलाओँ के इस्लामिक परिधान यानी बुर्क़ा में सिर्फ़ चेहरे का यही हिस्सा दिखाई देता है और वे इसे ही सुंदर बनाने में रुचि लेती थीं.

बदला दौर

लेकिन वर्ष 1979 की क्रांति के बाद से ईरान प्लास्टिक सर्जरी के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरा है. इसका पता इसी बात से चलता है कि अकेले तेहरान में तीन हज़ार प्लास्टिक सर्जन हैं.

हुसैन की माँ
हुसैन की माँ सहित परिवार के कई और सदस्य भी पहले सर्जरी करा चुके हैं

डॉक्टर माजिद नवाब जब ऑपरेशन थियेटर में हुसैन की सर्जरी कर रहे थे तो उनकी माँ परिनाज़ बाहर चिंतित नजर आ रही थीं.

परिनाज़ कहती हैं डॉक्टर नवाब ने उनकी भी नाक की सर्जरी की थी इसलिए उन्हें पूरा भरोसा है. लेकिन इस बार वे नहीं उनका बेटा सर्जरी करवा रहा है, इसलिए वे दबाव में हैं.

पर ऐसा नहीं है कि ये ऑपरेशन कराना काफ़ी आसान है. इसके लिए तकरीबन 3000 डॉलर की फ़ीस और काफ़ी दर्द सहने की क्षमता भी होनी चाहिए.

पुरुषअसली मर्द की पहचान
क्या असली मर्द वो होते हैं जिनकी रौबदार आवाज़ और बड़ी मूछें होती हैं. या फिर...
ये गोरे गोरे छोरे
मर्दों को गोरा बनाने का दावा करने वाली एक क्रीम बाज़ार में उतरी.
नीलाम होने वाले मर्द
देह व्यापार के धंधे में अब पुरूष भी तेज़ी से आगे क़दम बढ़ा रहे हैं.
महिलाओं के लिए कामसूत्रअब महिला कामसूत्र
सेक्स पर महिलाओं का नज़रिया क्या है? ऐसे ही कुछ विषयों पर है ये किताब..
इससे जुड़ी ख़बरें
असली मर्द की पहचान क्या है?
16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
'फ़ेयर ऐंड हैंडसम' बनाने वाली क्रीम
03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
मर्द भी हैं देह व्यापार के बाज़ार में
15 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस
बीमारी 'बनाओ', दवा बेचो
03 जनवरी, 2003 | पहला पन्ना
क्या चाहती है 'भारतीय नारी'?
21 अक्तूबर, 2002 | पहला पन्ना
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>