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चेहरे का प्रतिरोपण सफल होने का दावा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया में पहली बार चेहरे का प्रतिरोपण करने वाले डॉक्टरों ने दावा किया है कि ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा है. मेडिकल जर्नल 'लैन्सेट' के अनुसार इस ऑपरेशन के चार महीने बाद मरीज़ के चेहरे पर संवेदनशीलता लौटने की गति अच्छी है और उनके मनोवैज्ञानिक स्थिति में सुधार अच्छा है. वैज्ञानिकों ने इसे 'मील का पत्थर' तो कहा है लेकिन साथ में यह भी कहा है कि एक छोटा सा संक्रमण भी भीषण असर दिखाएगा. उल्लेखनीय है कि फ़्रांस की 38 वर्षीय इसाबेले डिनोर के चेहरे पर नवंबर में एक दूसरी महिला के चेहरे के हिस्से का प्रतिरोपण किया गया था. इसाबेले के चेहरे को उनके पालतू कुत्ते ने उस समय नोच लिया था जब वे नींद की दवा खाकर सो रही थीं. नया चेहरा एक ऐसी महिला ने उनके लिए अपने चेहरे के उत्तक, धमनियाँ और शिराएँ दान में दीं जिसका मस्तिष्क काम नहीं कर रहा था.
इस प्रतिरोपण ऑपरेशन से इसाबेले को नए होंठ दिए गए, नई नाक और नई ठुड्डी बनाई गई. डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें ये चिंता थी कि इसाबेले का शरीर दान में लिए गए उत्तकों को स्वीकार करेगा या नहीं. वे बताते हैं कि शुरुआत में तो शरीर ने ऐसे कुछ लक्षण दिखाए भी थे लेकिन दवाओं से उन्हें दूर कर दिया गया. फ़्रांसीसी डॉक्टरों का कहना है कि वे इस साल के अंत में चेहरा प्रतिरोपित करने के दो और ऑपरेशन करने जा रहे हैं. उधर ब्रितानी डॉक्टरों ने पूरा चेहरा प्रतिरोपित करने की अनुमति माँगी है. | इससे जुड़ी ख़बरें विज्ञान की सफलता का नया चेहरा06 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान किसी ने नहीं देखा मुड़-मुड़के...11 जनवरी, 2006 | विज्ञान पहली बार हुआ चेहरे का प्रतिरोपण01 दिसंबर, 2005 | विज्ञान त्वचा के एक टुकड़े से बनाया पूरा चेहरा13 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान क्या बदल सकता है चेहरा भी?03 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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