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कैमरों की जगह कैमराफ़ोन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अध्ययन में कैमरायुक्त मोबाइल फ़ोनों को भविष्य में तस्वीर खींचने का मुख्य उपकरण बताया गया है. इसमें ये भी कहा गया है कि अधिकांश लोग अलार्म घड़ी और कलाई घड़ी के बदले मोबाइल फ़ोनों का उपयोग करने लगे हैं. मोबाइल फ़ोन निर्मात कंपनी नोकिया द्वारा कराए गए इस अध्ययन में कहा गया है मौजूदा समय में 44 प्रतिशत लोग फ़ोटो खींचने के लिए कैमराफ़ोनों का इस्तेमाल करने लगे हैं. हालाँकि इस अध्ययन में विभिन्न देशों के लोगों के जवाब में भारी अंतर भी देखने को मिला है. मसलन जहाँ भारत में 68 प्रतिशत लोग कैमराफ़ोनों से फ़ोटो खींचना चाहते हैं, वहीं अध्ययन में शामिल 89 प्रतिशत अमरीकियों ने कहा कि वो बातचीत और फ़ोटोग्राफ़ी के लिए दो अलग-अलग उपकरणों का उपयोग करना चाहेंगे. नोकिया के एक शीर्ष अधिकारी टैपियो हेडमैन का मानना है कि शुरुआती कमियों को दूर किए जाने के कारण ही बातचीत के अलावा अन्य कई कामों में उपयोग के लिए मोबाइल फ़ोनों की स्वीकार्यता बढ़ी है. उन्होंने कहा, "यदि तस्वीर की क़्वालिटी ठीक नहीं है या ब्राउज़िंग में परेशानी होती है, तो ऐसा फ़ोन स्वीकार्य नहीं होगा." सारे काम मोबाइल फ़ोन से नोकिया के अध्ययन में पाया गया कि इंटरनेट ब्राउजिंग सुविधायुक्त फ़ोन रखने वाले एक तिहाई लोग इंटरनेट ब्राउज़िंग में अपने फ़ोन का उपयोग करते हैं. अध्ययन में शामिल लोगों में से दो तिहाई अपने फ़ोन में ही पोर्टेबल म्यूज़िक प्लेयर की सुविधा चाहते हैं. अध्ययन में शामिल 72 प्रतिशत लोग अलार्म घड़ी का काम मोबाइल से लेने की बात कही, जबकि 73 प्रतिशत ने कहा कि मोबाइल फ़ोनों ने उनके लिए कलाई घड़ी की ज़रूरत ख़त्म कर दी. मोबाइल आम जीवन में इतना महत्व रखने लगा है कि अध्ययन में शामिल एक तिहाई लोगों ने कहा कि वो अपना बटुआ खो देने पर उतने चिंतित नहीं होंगे जितना अपना मोबाइल फ़ोन खोने के बाद. इसी साल के शुरुआती महीनों में हुए इस अध्ययन में 11 देशों के 5,500 युवाओं को शामिल किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें जापान में मोबाइल फ़ोन पर टीवी शुरु01 अप्रैल, 2006 | विज्ञान सोनी-एरिक्सन ने कमाया भारी मुनाफ़ा18 जनवरी, 2006 | कारोबार अब आ गया मोबाइल टीवी का दौर27 दिसंबर, 2005 | विज्ञान वोडाफ़ोन ने भारती में हिस्सेदारी ख़रीदी28 अक्तूबर, 2005 | कारोबार मोबाइल फ़ोन और वायरस का ख़तरा03 सितंबर, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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