BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 15 जनवरी, 2006 को 23:45 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
बांग्लादेश में फ़ोन पर 'अश्लील बातचीत'
मोबाइल टेलीफ़ोन
बांग्लादेश में सरकार ने मोबाइल कंपनियों को आधी रात के बाद दी जाने वाली मुफ़्त कॉल सेवा बंद करने का आदेश दिया है और ऐसा युवाओं के नैतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए किया गया है.

दूरसंचार नियामक आयोग ने कहा है कि उसे अभिभावकों ऐसी बहुत सी शिकायतें मिली हैं कि उनके बच्चे मुफ़्त कॉल सेवा का इस्तेमाल रोमांस संबंध बनाने के लिए कर रहे हैं.

शिकायतों में कहा गया है कि बहुत से युवा मुफ़्त कॉल सेवा होने की वजह से लंबी-लंबी बातें करते हैं और ठीक तरह सो भी नहीं पा रहे हैं, यहाँ तक कि "अश्लील बातचीत" भी करते हैं.

बांग्लादेश में ज़्यादातर लोग परंपरावादी हैं, ऐसे समाजों में परिवार और संबंधियों की राय से शादियाँ होती हैं और युवाओं को शादी से पहले आपस में मिलने को हतोत्साहित किया जाता है.

बदलाव

बांग्लादेश में सक्रिय पाँच मोबाइल टेलीफ़ोन कंपनियों को दूरसंचार नियामक आयोग की तरफ़ से पत्र भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि "आधी रात के बाद मुफ़्त कॉल सेवा" का युवाओं में दुरुपयोग हो रहा है.

अन्य देशों की ही तरह बांग्लादेश में भी मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है जिसके ज़रिए कुछ सामाजिक और आर्थिक बदलाव भी हो रहे हैं.

लेकिन जब दिल की बात होती है तो बांग्लादेश में ज़्यादातर लोग परंपरावादी हैं.

वर्ष 2005 के अंत तक एक मोबाइल फ़ोन कंपनी ग्रामीण हर 40 दिन में दस लाख नए ग्राहक बना रही थी. ग्रामीण बांग्लादेश की सबसे बड़ी मोबाइल फ़ोन कंपनी है.

इस कंपनी ने कहा है कि वह इस बारे में कोई सामूहिक रणनीति तैयार करने के लिए अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बातचीत करेगी.

मोबाइल फ़ोन कंपनियों का कहना है कि वे इस तरह के आदेश से चकित हैं जिस पर तुरंत प्रभाव से अमल करने के लिए कहा गया है.

एक कंपनी के प्रवक्ता के हवाले से यह भी कहा गया है कि अगर अधिकारी युवाओं को आपस में मिलने से रोकना चाहते हैं तो यह तर्क फ़ॉस्ट फूड रेस्तराँ और विश्वविद्यालयों पर भी लागू करते हुए उन्हें भी बंद कर देना चाहिए.

इससे जुड़ी ख़बरें
अब आ गया मोबाइल टीवी का दौर
27 दिसंबर, 2005 | विज्ञान
अब मोबाइल पर पढ़िए बाइबल
07 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना
ऐपल का एक और धमाका
07 सितंबर, 2005 | विज्ञान
कॉलेजों में लड़कियों पर कई प्रतिबंध
01 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>