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पुस्तकें इंटरनेट पर उपलब्ध होनी शुरु
गूगल
गूगल की योजना से प्रकाशक नाराज़ हैं
मशहूर इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने चार प्रमुख विश्वविद्यालयों की हज़ारों पुस्तकों को इंटरनेट पर उपलब्ध करवाना शुरु कर दिया है.

गूगल का कहना है कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए ये किताबें मुफ़्त उपलब्ध करवाना एक महत्वपूर्ण पहल है.

गूगल तो इसकी तुलना छापे-खाने के अविष्कार से करता है.

पहले उपलब्ध करवाए जाने वाली किताबें 19वीं शताब्दी के अमरीकी साहित्य और इतिहास की हैं.

इन किताबों पर अब कॉपीराइट यानि प्रकाशन अधिकार लागू नहीं होता.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि प्रकाशक इसका विरोध कर रहे थे.

उन्हें डर है इंटरनेट पर किताबें उपलब्ध होने से लोग किताबें ख़रीदना बंद कर देंगे.

गूगल ने इस परियोजना में जिन विश्वविद्यालयों को शामिल किया है, वे हैं - हार्वर्ड, स्टैंफ़र्ड, मिचिगन और ऑक्फ़ोर्ड विश्वविद्यालय और न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी.

उधर अमरीकी लेखकों की संस्था यूएस ऑथर्स गिल्ड और पाँच बड़े प्रकाशक न्यायालय जा पहुँचे हैं ताकि कॉपीराइट यानि प्रकाशन अधिकार वाली किताबें बिना अनुमति के इंटरनेट पर उपलब्ध न हो सकें.

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