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ओल्सेन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पहुँचे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
किराया चुका कर अंतरिक्ष यात्रा कर रहे ग्रेगरी ओल्सेन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँच गए हैं. वहाँ वह कई प्रयोग करने वाले हैं. ओल्सेन को लेकर रूसी सोयुज़ यान ने कज़ाख़स्तान के बैकोनूर अंतरिक्ष केंद्र से शनिवार को रवाना हुआ था. अमरीकी व्यवसायी और वैज्ञानिक ओल्सेन ऐसे तीसरे व्यक्ति हैं जिसने की पैसे देकर अंतरिक्ष यात्रा की हो. माना जाता है कि उन्होंने इस यात्रा पर दो करोड़ डॉलर ख़र्च किया है. ओल्सेन से पहले अमरीका के डेनिस टीटो 2001 में और दक्षिण अफ़्रीका के मार्क शटलवोर्थ 2002 में अंतरिक्ष पर्यटक बन चुके हैं. सोमवार को ओल्सेन के घर वालों ने उन्हें रूसी यान के कैप्स्युल से निकल कर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में जाने की प्रक्रिया का सीधा प्रसारण देखा. प्रयोग ओल्सेन ने कहा है कि अपनी 10 दिवसीय यात्रा के दौरान वह आराम करने के बज़ाय विभिन्न प्रयोगों को अंज़ाम देंगे. वह अपनी कंपनी के लिए भी कुछ प्रयोग करेंगे. ओल्सेन 60 साल के हैं और न्यू जर्सी स्थित अनुसंधान कंपनी सेंसर्स अनलिमिटेड के प्रमुख हैं. उनकी कंपनी अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मिल कर अत्यंत संवेदनशीलता वाली फ़िल्म और कैमरों का उत्पादन करती है. यात्रा में ओल्सेन के सहयात्री हैं अमरीकी वैज्ञानिक विलियम मैकआर्थर और रूसी वैज्ञानिक वैलेरी तोकारेव. ये दोनों वैज्ञानिक स्पेस स्टेशन में अप्रैल से ही मौजूद दो वैज्ञानिकों सर्गेई क्रिकालेव और जॉन फ़िलिप्स का स्थान लेंगे. ओल्सेन को साथ लेकर क्रिकालेव और फ़िलिप्स 11 अक्टूबर को धरती पर लौटने वाले हैं. |
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