BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 22 मई, 2005 को 16:52 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
अंटार्कटिका में मोटी होती बर्फ़ की परत
अंटार्कटिका
अंटार्कटिका में दुनिया की सबसे अधिक बर्फ़ है
एक रिपोर्ट के अनुसार अंटार्कटिका में बर्फ़ की परत मोटी होती जा रही है और इस कारण आनेवाले दिनों में समुद्रों में जल स्तर बढ़ने का ख़तरा हो सकता है.

वैज्ञानिकों को भय है कि अगर समुद्रों का जल स्तर बहुत अधिक बढ़ा तो निचले और तटीय क्षेत्रों में तबाही हो सकती है.

विज्ञान जर्नल 'साइंस' के अनुसार अंटार्कटिका में ये स्थिति तापमान बढ़ने के कारण अतिरिक्त हिमपात होने से पैदा हुई है.

वैसे वैज्ञानिकों को चिंता है कि अंटार्कटिका का कुल भार कम हो रहा है क्योंकि तटीय क्षेत्रों में बर्फ़ तेज़ी से पिघल रही है.

अंटार्कटिका पर दुनिया की सबसे अधिक बर्फ़ है और इस बारे में कोई जानकारी मिलने से भविष्य में समुद्री जल के स्तर में बदलाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

जल स्तर

 अधिकतर जगहों पर बर्फ़ के कारण समुद्री जल का स्तर बढ़ता है लेकिन ये इकलौता क्षेत्र है जहाँ बर्फ़ सोख लिया गया
प्रोफ़ेसर कर्ट डेविस

जलवायु परिवर्तन पर बनी अंतर्सरकारी समिति के अनुसार ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फ़ पिघलने के कारण समुद्री जल स्तर अभी 1.8 मिलिमीटर प्रति वर्ष की दर से ऊपर जा रहा है.

समिति का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग यानी दुनिया के बढ़ते तापमान के कारण अंटार्कटिका के ऊपर बर्फ़बारी अधिक हो सकती है क्योंकि ऐसी स्थिति में वाष्पीकरण अधिक होता है.

अटलांटिक महासागर के दोनों तरफ़ के वैज्ञानिकों ने अध्ययन के बाद पाया कि पूर्वी अंटार्कटिका में 1992 और 2003 के बीच अटलांटिक की मोटाई में प्रतिवर्ष 1.8 सेंटीमीटर की दर से वृद्धि हुई.

ख़तरा

पूर्वी अंटार्कटिका पूरे अंटार्कटिका का 75 प्रतिशत हिस्सा है और यहाँ महादेश का 85 प्रतिशत बर्फ़ है.

अमरीका के मिसौरी विश्वविद्यालय के कर्ट डेविस ने बताया कि पूर्वी अटलांटिक में हिमपात सोख लिया जा रहा है जिसके कारण समुद्री जल का स्तर नहीं बढ़ा.

उन्होंने कहा,"अधिकतर जगहों पर बर्फ़ के कारण समुद्री जल का स्तर बढ़ता है लेकिन ये इकलौता क्षेत्र है जहाँ बर्फ़ सोख लिया गया".

लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वी अंटार्कटिका में सदा ऐसा नहीं होगा और तापमान बढ़ने के कारण भविष्य में बर्फ़ पिघल सकती है जिससे समुद्र में जल बढ़ सकता है.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>