एप लगाईए, टूरिस्ट गाइड बुलाईए

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- Author, डेविड रीड
- पदनाम, तकनीकी संवाददाता, बीबीसी न्यूज़
ऑनलाइन टैक्सी सेवा उबर की तरह ही भारत में गाइड उपलब्ध कराने का एक और व्यवसाय चल पड़ा है.
दिल्ली में उबर टैक्सी बलात्कार कांड के बाद इंटरनेट आधारित <link type="page"><caption> इस बिजनेस मॉडल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/12/141208_uber_app_security_lapses_rns" platform="highweb"/></link> पर सवाल खड़े हो गए थे.
अभी हाल ही में एक जापानी छात्रा के अपहरण और बलात्कार की घटना ने भारत में विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा की चिंता को और सतह पर ला दिया है.
ऐसे में उबर की तर्ज पर टूरिस्ट गाइड उपलब्ध कराने वाली ये वेबसाइटें कितनी सुरक्षित हैं और क्या इससे कोई सबक लिया जा सका है.
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अगर आप वाकई पुराने भारत की एक तस्वीर देखना चाहते हैं तो दिल्ली का चांदनी चौक इलाक़ा सबसे बढ़िया जगह है.
यहां हर संभव मासाले बेचने वाली दुकानें, मूंगफली, मिठाई और स्वादिष्ट स्ट्रीट फ़ूड के पहाड़ों की एक भूल भुलैया सी है.
इस जगह को देखने का दो तरीक़ा है- या तो आप भीड़ में धक्के खाते हुए आगे बढ़ जाएं या एक गाइड के सहारे इन गलियों में छिपी वास्तविक तस्वीरों को तलाशें.

इसी जद्दोजहद में मेरी मुलाक़ात प्रभजोत कौर से हुई. वो आम गाइड नहीं हैं. सप्ताह के अन्य दिनों में वो मानव संसाधन सलाहकार का काम करती हैं, बाकी समय शौकिया तौर पर टूरिस्ट गाइड बन जाती हैं.
प्रभजोत का पता मुझे 'पधारो' से मिला था. भारत में पर्यटकों को टूरिस्ट गाइड से मिलाने के लिए शुरू होने वाली तमाम वेबसाइटों में से 'पधारो' एक है.
इस वेबसाइट पर रॉयल एनफ़ील्ड की सवारी से लेकर एक स्थानीय गैर सरकारी संस्था के मार्फ़त बेघर बच्चों से मुलाक़ात करवाने तक बहुत सी 'सुविधाओं' की सूची है.
शौक और काम

इसके बाद यह साइट इन सबके लिए आपको टूरिस्ट गाइड से परिचित भी कराती है.
प्रभजोत के लिए यह एक आसान फ़ॉर्मूले जैसा है- यानी आपका जो शौक है उससे यदि अपनी आजीविका नहीं कमा सकते तो पार्ट टाइम शौकिया काम से कम से कम कुछ तो कमा ही सकते हैं.
प्रभजोत की तरह ही मुझे आकांक्षा रस्तोगी मिलीं. वो एक प्रोग्रामर हैं और गुड़गांव में रहती हैं. वो भी टूरिस्ट वेबसाइट से जुड़ी गाइड हैं और खाली समय में ये काम करती हैं.
इसी तरह की एक अन्य वेबसाइट 'सीकशेरपा' के सह संस्थापक ध्रुव राज गुप्ता मानते हैं कि एक ऐसे व्यक्ति के साथ घूमना कुछ अलग अहसास है, जिसके लिए यह एक शौक है, न कि काम का एक और दिन.
ये वेबसाइटें प्रमाणिकता का दावा करती हैं, लेकिन यह ऑनलाइन मॉडल कितना विश्वसनीय है?
और भारत में पारम्परिक पर्यटन व्यवसाय से यह कितना अलग है? यह एक बड़ा सवाल है.
बिचौलियों की भूमिका

इस तरह के वेबसाइटों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत है बिचौलियों की अनिवार्यता.
ये अल्पकालिक कर्मचारी नियुक्त करते हैं जो अपने आप में छोटे व्यवसाय बन जाते हैं.
यह सब बहुत परिचित सा लगता है, क्योंकि <link type="page"><caption> उबर जैसी इंटरनेट आधारित टैक्सी कंपनियां</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/12/141208_uber_banned_aa.shtml" platform="highweb"/></link> इसी मॉडल पर काम करती हैं- वे कैब चालकों और ग्राहकों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती हैं.
भारतीय संदर्भ में व्यवसाय का यह मॉडल कुछ अच्छा संकेत नहीं दे पाया.
हाल ही में दिल्ली में उबर कैब में बलात्कार की घटना ने कामचलाऊ अनुभव और सबके लिए व्यवसाय के दरवाजे खोलने की संभावित मुश्किलों की ओर सबका ध्यान खींचा.
सुरक्षा का मुद्दा

भारत में पर्यटकों की सुरक्षा एक संवेदनशील मामला है.
पिछले सप्ताह एक <link type="page"><caption> जापानी छात्रा के अपहरण और महीने भर तक बलात्कार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/01/150105_tourism_police_west_bengal_rd.shtml" platform="highweb"/></link> की घटना ने इसे और शिद्दत से सतह पर ला दिया है.
पुलिस ने कहा कि पीड़िता से दो व्यक्तियों ने टूर गाइड के रूप में सम्पर्क किया था.
<link type="page"><caption> न्यूयॉर्क टाइम्स </caption><url href="http://www.nytimes.com/2015/01/05/world/india-rape-case-echoes-claims-of-tourists-as-prey.html?_r=1" platform="highweb"/></link> में इस घटना के बारे में लिखा गया- 'भारतीय बलात्कार मामले ने पर्यटकों को शिकार बनाए जाने के दावे की पुष्टि करती है.'
व्यापक सुरक्षा चिंता के बीच सवाल यह उठता है कि क्या ये वेबसाइटें भी नियमों की अनदेखी की आसान शिकार होंगी.
क़ायदे क़ानून

सीकशेरपा की दूसरी सह संस्थापक सुखमणि सिंह स्वीकार करती हैं, "कानूनी और नियम के मुद्दे तो हैं, जो भविष्य में और बढ़ सकते हैं."
हालांकि उन्हें विश्वास है कि पर्यटन मंत्रालय व्यवसाय के इस मॉडल को हानि के बजाय लाभ के रूप में देखेगा.
ये कुछ ऐसी क़ानूनी चुनौतियां हैं, जो इस तरह के हानिकारक बिजनेस मॉडल से सामने आती हैं.
इस तरह के व्यवसाय की शुरुआत से पहले इनसे जुड़ी समस्याओं से निजात पाना होगा.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindin" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












