दिल्ली रेप: टैक्सी कंपनियों पर सवाल

- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
दिल्ली में एक मोबाइल ऐप से बुक की गई टैक्सी में कथित बलात्कार के बाद पुलिस ने अभियुक्त ड्राइवर को गिरफ़्तार कर लिया है.
गाड़ी अंतरराष्ट्रीय टैक्सी सेवा उबर से बुक की गई थी. घटना के बाद टैक्सियों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं.
बहुराष्ट्रीय कंपनी ईएक्सएल में काम करने वाली अरुणिमा अक्सर ऑफ़िस से आने जाने के लिए टैक्सी लेती हैं.
अरुणिमा कहती हैं, "मैं भी दफ़्तर जाने के लिए कैब का इस्तेमाल करती हूँ. अंतरराष्ट्रीय ब्रांड की टैक्सी सर्विस हो तो हमें लगता है कि कंपनी ट्रैक कर रही है. अगर वो ट्रैक नहीं कर रहे हैं तो अब उन्हें एक्शन लेना चाहिए."
बड़े ब्रांड पर भरोसा

अरुणिमा टैक्सी लेने से पहले कंपनी के बारे में जानकारी लेती हैं. उन्हें लगता है कि इस मामले में टैक्सी कंपनी से ग़लती हुई है.
अरुणिमा के मुताबिक़, "मैं जब भी इंटरनेट पर चेक करती हूँ तो बहुत से डीलरों के नाम आते हैं. हम ऐसी सेवा चुनते हैं जिस पर हमें भरोसा हो. सुरक्षा के लिहाज से हम कंपनी का ब्रांड भी देखते हैं. लेकिन अगर ऐसी सेवा में भी हम सुरक्षित नहीं हैं तो अब कुछ किया जाना चाहिए."
अरुणिमा के पति अमितेश मानते हैं कि सभी कंपनियों को अपनी गाड़ियों में जीपीएस लगाना चाहिए.
पूरे मामले पर दिल्ली की ही एक छात्रा का कहना था, "किसी ने अगर रात को किसी अच्छे ब्रांड की कैब ली है तो वो मानकर चलता है कि उसकी सुरक्षा बेहतर होगी. लेकिन कंपनी ने सुरक्षा का अपना वादा पूरा नहीं किया."
टैक्सीवालों की छवि

सुशील पिछले 18 साल से टैक्सी चला रहे हैं. उन्हें लगता है कि ऐसी घटनाओं से टैक्सी वालों की प्रतिष्ठा गिरती है.
सुशील कहते हैं, "रात के वक़्त टैक्सी चालक अगर ऐसा करेंगे तो कैसे टैक्सीवालों का काम चलेगा और लोगों की क्या राय हमारे बारे में बनेगी."
कंपनी पर सवाल

इमेज स्रोत, AFP
शुक्रवार रात दिल्ली में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने भले ही 24 घंटों के भीतर ही अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया हो लेकिन महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं.
सवाल टैक्सी सेवा कंपनी उबर पर भी उठे हैं. पूरे प्रकरण पर कंपनी का सिर्फ़ इतना ही कहना है कि वो जाँच में पुलिस का सहयोग कर रही है.
आगे ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए अभी कोई स्पष्ट योजना नहीं.
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