प्रतिरोपित गर्भाशय से जन्मा स्वस्थ बच्चा

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- Author, जेम्स गॉलाघर
- पदनाम, स्वास्थ्य संपादक, बीबीसी न्यूज़ वेबसाइट
स्वीडेन में एक महिला ने प्रतिरोपित गर्भाशय का इस्तेमाल कर एक बच्चे को जन्म दिया है. डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक़ स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसा प्रयोग पहली बार हुआ है.
36 वर्षीय महिला को उनकी दोस्त अपना गर्भाशय दिया था जिनकी उम्र 50 साल से अधिक थी.
ब्रितानी मेडिकल जर्नल, द लैंसेट का कहना है कि इस बच्चे का जन्म सितंबर में समय से पहले ही हो गया था और इसका वज़न 1.8 किलोग्राम था. बच्चे के पिता कहना है कि उनका बेटा काफ़ी अच्छा है.
कैंसर के इलाज और जन्मजात दोष की वजह से महिलाओं का गर्भाशय काम नहीं करता है.
अगर वे अपना बच्चा चाहते हैं तो उनके पास सरोगेसी (किराए की कोख) का ही एक विकल्प होता है.
कैसा चमत्कार
स्वीडेन में इस दंपत्ति की पहचान का ख़ुलासा नहीं किया गया है लेकिन ऐसा माना जाता है कि बच्चे की मां का अंडाशय क्रियाशील था.
इस दंपत्ति को आईवीएफ़ (कृत्रिम गर्भाधान) की प्रक्रिया से गुज़रना पड़ा जिससे 11 भ्रूण तैयार किए गए जिन्हें फ़्रीज करके रखा गया.
गुटनबर्ग में सालग्रेंस्का यूनिवर्सिटी हॉस्पीटल के डॉक्टरों ने गर्भाशय का प्रतिरोपण किया.

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गर्भाशय देने वाली 61 वर्षीय महिला इस दंपत्ति की पारिवारिक मित्रों में शामिल थीं और उन्हें सात साल पहले ही मेनोपॉज़ हो गया था.
गर्भाशय प्रतिरोपण के एक साल बाद डॉक्टरों ने यह फ़ैसला किया था कि वे एक फ़्रीज किए गए भ्रूण को उसमें डालेंगे और उसके बाद गर्भाधान हुआ.
गर्भावस्था के 31 हफ़्ते के भीतर ही बच्चे का जन्म हुआ. हालांकि अभी बच्चे और मां की हालत स्थिर है.
नया बदलाव
इससे पहले भी दो मेडिकल टीमों ने गर्भाशय प्रतिरोपण के लिए कोशिश की थी.
एक दफ़ा अंग बीमारी से ग्रस्त हो गया जिसकी वजह से इसे तीन महीने बाद निकाला गया. दूसरी बार गर्भपात हो गया.
गर्भाशय प्रतिरोपण की प्रोफ़ेसर मैट्स ब्रैन्नस्टॉर्म के नेतृत्व वाली टीम ने स्वीडेन में हुए इस जन्म को एक ख़ुशनुमा पल बताया.
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