कैसे लें अच्छी सेल्फ़ी?

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    • Author, जॉनाथन वेब
    • पदनाम, विज्ञान संवाददाता, बीबीसी न्यूज़

क्या आपको छुट्टियों के दौरान खींची गई अपनी तस्वीरों को देखकर निराशा हुई है या सेल्फ़ी में अपनी नाक कुछ लंबी दिखती है?

यूनिवर्सिटी ऑफ़ सरे के दो वैज्ञानिक ऐसी तकनीक विकसित करने के मिशन पर है जो हमें बेहतरीन तस्वीर लेने में मदद करे.

आप भी जानें अच्छी फ़ोटो लेने के कुछ तरीक़े

ब्रिटिश साइंस फ़ेस्टीवल में बोलते हुए डॉक्टर राडू सपोरिआ और उनके सहयोगी डॉक्टर एंड्रयू पाय ने अच्छी तस्वीर खींचने के कुछ तरीक़े बताए.

फ़ोटो लेने के लिए दूरी

डॉक्टर सपोरिआ ने कहा कि सबसे अहम बात जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ करते हैं वो है फ़ोटो लेने की जगह के बारे में सोचना.

चर्चित <link type="page"><caption> 'मंकी सेल्फ़ी'</caption><url href="http://www.bbc.com/news/uk-28684353" platform="highweb"/></link> को अगर एक क़दम दूर से लिया गया होता तो ये अलग होती.

इसलिए ऐसे फ़ोटो से बचने के लिए एक क़दम पीछे हटकर और फिर अपने सब्जेक्ट पर ज़ूम करके फ़र्क़ पैदा किया जा सकता है. इससे जिस चीज़ की तस्वीर ली जा रही है वे साफ़-साफ़ और बड़ी दिखती है.

इस्तेमाल करने पर ये तकनीक बेहद दिलचस्प प्रभाव पैदा करती है, ख़ासकर तब जब चीज़ें अलग-अलग दूरी पर रखीं हों.

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हालांकि ये तकनीक जल्दी में ली जाने वाली सेल्फ़ी के लिए नहीं है.

रोशनी की मात्रा

अगर आपके पास तस्वीरें खींचने के लिए सिर्फ़ स्मार्टफ़ोन है तो आप दृष्टिकोण से फ़र्क़ पैदा कर सकते हैं. स्मार्टफ़ोन पूरी तरह ऑटोमैटिक होता है इसलिए आप उसकी सेटिंग ज़्यादा नहीं बदल सकते हैं.

डिजीटल कैमरा से हम सब्जेक्ट से थोड़ा पीछे हटकर ज़ूम करके अच्छी तस्वीर लेते हैं. इसके ठीक उलट स्मार्टफ़ोन से तस्वीर लेते हुए आप सब्जेक्ट के बेहद नज़दीक आ जाएं और फिर उस पर फ़ोकस करें.

आपके स्मार्टफ़ोन कैमरा का लैंस और सेंसर बहुत छोटा होता है. ऐसे में जिस चीज़ की तस्वीर लेनी है उसके पास जाना कारगर उपाय है.

एक्सपोज़र

सेंसर पर रोशनी के टकराने से फ़ोटो बनता है. अधिक लाइट या कम रोशनी से फोटो ख़राब हो जाता है.

सेल्फ़ी

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कितनी रोशनी कैमरा के सेंसर पर पड़ रही है इसी को एक्सपोज़र कहते हैं. अच्छी तस्वीर लेने के लिए एक्सपोज़र को नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है.

अपरचर

कैमरे में कितनी रोशनी जाती है इसे नियंत्रतित करने का एक तरीक़ा यह भी है कि हम लैंस के कितने हिस्से को इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे 'अपरचर' को घटा और बढ़ा कर किया जाता है.

फ़ोकस

अपरचर छोटा रखकर किसी भी दूरी से आ रही रोशनी पर फ़ोकस किया जा सकता है.

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प्रकाश

दोनों वैज्ञानिकों की राय है कि प्रकाश की दिशा के बजाए प्रकाश की मात्रा ज़्यादा फर्क़ पैदा कर सकती है.

डॉक्टर सपोरिआ कहते हैं, "सूरज बड़ा है लेकिन दूर है इसलिए तस्वीर में यह एक बिंदू की तरह दिखता है. रोशनी और अंधरे के बीच तस्वीर लेने में स्पष्ट फर्क़ होता है. इसलिए आप दोपहर के वक़्त फ़ोटो नहीं लेना चाहते हैं."

आप किसी भी कैमरे से इन चीज़ों का ध्यान रख अच्छी तस्वीर ले सकते हैं.

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