सावधान! कहीं सोशल मीडिया आपकी नौकरी न छीन ले

सोशल मीडिया
    • Author, एलिज़ाबेथ गैरोन
    • पदनाम, लेखक

सोशल मीडिया पर किसी पार्टी या मस्ती करते हुए अपनी फ़ोटो डालना इन दिनों आम बात है. बहुत से लोग ऑफ़िस से जुड़ी बातें भी साझा करते हैं.

पर क्या आप अपने बॉस की आलोचना भरी बात फ़ेसबुक पर डालेंगे? क्या आपने सोचा है कि आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर लिखी गई किसी बात से आपकी नौकरी जा सकती है?

लंदन की एक मोबाइल रिसर्च कंपनी के मुताबिक 16 से 34 साल की उम्र के बीच 10 में से एक व्यक्ति को नौकरी के लिए नहीं चुना गया क्योंकि उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल पर कुछ ऐसी बातें पोस्ट की थी जो कंपनी को पसंद नहीं आईं.

हाल ही में आपने देखा होगा कि उत्तराखंड बाढ़ के दौरान एक रिपोर्टर का फुटेज यूट्यूब पर लीक कर दिया गया था जिसमें वो एक व्यक्ति के कंधों पर चढ़कर रिपोर्टिंग करता नज़र आ रहा है. फ़ुटेज यूट्यूब पर आने के बाद उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा.

इसी तरह कैलिफ़ोर्निया में एक कर्मचारी को हटा दिया गया क्योंकि कंपनी के फ़ेसबुक पेज पर उस व्यक्ति की फ़ोटो पोस्ट कर दी गई जिसमें वो कंपनी के खाद्य पदार्थ को चाट रहा है.

इसी तरह न्यूज़ीलैंड में एक सरकारी कर्मचारी की नौकरी चली गई थी जब फेसबुक पर डाला गया कि कैसे वो अपना वक्त ज़ाया करती है और ऑफिस से सामान चुराती है.

ब्लूमबर्ग में तो सोशल मीडिया संपादक की ही नौकरी चली गई. दरअसल इस संपादक ने नौकरी में अपनी समस्याओं को लेकर एक निजी संदेश अपने ट्विटर दोस्त को भेजा था जिसे उसने शेयर कर दिया.

कंपनी माँगती हैं पासवर्ड

ऑन डिवाइस रिसर्च नाम की कंपनी ने भारत, अमरीका, चीन, नाइजीरिया, अमरीका, ब्रिटेन और ब्राज़ील में छह हज़ार लोगों से बात की थी. उनमें से दो तिहाई ने कहा कि उन्हें चिंता नहीं है कि सोशल मीडिया गतिविधियों से उनके करियर पर असर पड़ सकता है.

फ़ेसबुक पर ऑफ़िस से जुड़ी बातें डालना मंहगा पड़ सकता है
इमेज कैप्शन, फ़ेसबुक पर ऑफ़िस से जुड़ी बातें डालना मंहगा पड़ सकता है

सोशल मीडिया पर आजकल निजी और प्रोफ़ेशनल ज़िंदगियाँ अलग-अलग नहीं रहीं और इस बात का ख़तरा बढ़ रहा है कि सोशल नेटवर्क पर कोई बात या फ़ोटो पोस्ट करने के कारण आपकी नौकरी चली जाए या आपको तरक्की न मिले.

कोई कर्मचारी सोशल मीडिया साइट पर क्या डाल सकता है और क्या नहीं, इसे लेकर विभिन्न देशों में अभी नियम कानून बन रहे हैं.

अमरीका जैसे देशों की बात करें तो वहाँ कई बार ऐसा हो चुका है जब कर्मचारियों या नौकरी के लिए अर्ज़ी लेकर आए नए लोगों से कहा गया हो कि वे अपने पासवर्ड बताएँ ताकि कंपनी उनका सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल देख सके.

एक नए आदेश के तहत कर्मचारियों को इससे आंशिक राहत मिली है.

बॉस की आलोचना?

सोशल मीडिया पर जो बात आपके लिए सही है वो आपका प्रोफ़ाइल देखने वाले के लिए शायद अस्वीकार्य हो सकती है. जैसे प्रोफ़ेशनल नेटवर्क लिंकडइन के बारे में ज़्यादातर लोग मानते हैं कि वो पार्टी की तस्वीरेंडालने की सही जगह नहीं है. लेकिन फ़ेसबुक पर पार्टी की तस्वीरें डालने को लेकर सबकी अलग अलग राय है.

ऐसे में कैसे फ़ैसला लिया जाए कि क्या सही है और क्या ग़लत? करियर मैनेजमेंट कोच कैथलीन ब्रैडी इसके लिए पुराना नुस्खा अपनाने को कहती हैं. उनका कहना है, “आप मन में सोचिए कि आप जो बात अपने प्रोफ़ाइल पर डालना चाहते हैं क्या आप चाहेंगे कि आपकी दादी वो देखे?”

सोशल मीडिया पर अपने बॉस की बुराई करने को ग़लत माना जाता है. कई लोगों को लगता है कि आपकी कंपनी या अधिकारी ऐसे पोस्ट नहीं देखेंगे. लेकिन इस बात की क्या गारंटी कि कोई आपके पोस्ट को फ़ॉर्वर्ड कर दे या दोबारा पोस्ट कर दे.

कन्सलटिंग फर्म कम रिकमेनडिड की हैदर आर हुमैन कहते हैं कि ट्विटर या फ़ेसबुक पर ऐसा करने से नौकरी जा सकती है.

हालांकि कुछ सोशल नेटवर्क आपको दोस्तों और अन्य लोगों के लिए अलग अलग प्रोफ़ाइल बनाने की सुविधा देते हैं लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि आपकी निजी फ़ोटो या बातें सार्वजनिक नहीं होंगी.

बनाएँ तालमेल

अगर आपको पता चल जाए कि कुछ निजी तस्वीरें या आपके बॉस के खिलाफ नेगेटिव कमेंट सार्वजनिक हो गए हैं तो सबसे पहले उन्हें डिलीट करें. लेकिन याद रखें कि इंटरनेट पर एक बार कुछ आ जाए तो वो कहीं न कहीं मिल ही जाता है.

 सोशल मीडिया प
इमेज कैप्शन, बॉस के बारे में सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने पर नौकरी से छुट्टी हो सकती है

हेदर आर हुमैन का कहना है कि ऐसे में बॉस के सामने ग़लती मान लेना ही बेहतर विकल्प होता है.

हालांकि ये बात भी सच है कि आजकल सोशल मीडिया पर होना करियर के लिए ज़रूरी है. लेकिन बहुत ज़्यादा निजी जानकारियाँ डालना सही नहीं है.

अगर आप बहुत ज़्यादा पोस्ट डाल रहे हैं तो इससे ये लग सकता है कि आप कम काम करते हैं. वहीं अगर कम पोस्ट डाले जा रहे हैं तो इससे लग सकता है कि आप कुछ छिपा रहे हैं या आपके प्रोफ़ेशनल संपर्क ज़्यादा नहीं है. विशेषज्ञों की मानें, तो भला इसी में है कि एक सही संतुलन बनाया जाए.

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