क्यों सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं दफ्तर ?

दुनियाभर के कई दफ्तरों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा है लेकिन हज़ारों दफ्तर ऐसे भी है जहां ऑफिस का कामकाज सोशल मीडिया के ज़रिए ही होता है.
ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बड़ी संख्या में इन दफ्तरों में कम करने वाले लोग सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और इसे एक समुदाय की तरह देखते हैं.
टॉवर्स वॉटसन नाम की एक संस्था अप्रैल 2013 में किए एक सर्वे में पाया कि बड़े और मझोले संगठनों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल व्यापक है.
संस्था में अमरीका, यूरोप और एशिया में 290 दफ्तरों में ये सर्वे किया.
इसमें पाया गया कि 56 प्रतिशत से अधिक लोग दफ्तर में आपस में बातचीत करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं. ऐसा वो इसलिए करते हैं, ताकि कर्मचारियों और अधिकारियों में एक ही समुदाय का होने का एहसास जगे.
सोशल मीडिया से एकजुटता

दोनों कर्मचारी और अधिकारी चुनौतियों और सफलताओं का श्रेय आपस में इसी माध्यम से कर रहे हैं.
हालांकि जब लोगों से पूछा गया कि बातचीत के असर के लिए सोशल मीडिया वेबसाइट्स किस हद तक असरदार है, तो सिर्फ 30 से 40 फीसदी लोगों ने इनपर भरोसा जताया.
सर्वे के अनुसार 77 फ़ीसदी लोग मैसेजिंग सर्विस प्रयोग करते थे जबकि ऑडियो या वीडियों चैटिंग, स्ट्रीमिंग साइट्स 61 प्रतिशत लोग प्रयोग करते है.
टॉवर वॉटसन का कहना है कि बातचीत के लिए कर्मचारी ब्लॉग, एसएमएस, सोशल प्रोफाइल जैसे कई तरीकों का उपयोग करते हैं.
टॉवर वॉटसन की वरिष्ठ अधिकारी कैथरीन येट्स कहतीं है, “हमें लगता है कि ऑफिस में बातचीत के लिए सोशल मीडिया एक बेहतरीन माध्यम साबित हो सकता है. सोशल मीडिया की संरचना ही ऐसे हुई है जिससे ये लोगों को एक साथ ले आती है.”
'सस्ता' है सोशल मीडिया

भारत में भी मल्टीनेशनल कंपनियां ऑफिस के भीतर के माहौल को हल्का बनाने की कोशिश करती है. इसीलिए ड्रेस कोड से लेकर बैठने और बात करने के तरीकों में भी हर चीज़ आसान और आरामदायक बनाई जा रही है.
सर्वे के अनुसार करीब 40 प्रतिशत कंपनियां मानती है कि सोशल मीडिया का प्रयोग सस्ता है.
हालांकि मानव संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि बातचीत के लिए सोशल मीडिया का उपयोग तब और तेज़ी से बढ़ेगा जब कर्मचारी अलग-अलग जगह काम कर रहे होंगे.
फिल्हल तेईस फ़ीसदी कंपनियों का मानना है कि सोशल मीडिया के प्रयोग से उन्हें कर्मचारियों में एकजुटता का एहसास कराने के कामयाबी मिली है.
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