पाँच हज़ार नई प्रजातियों की खोज

समुद्री जीवों की गणना के एक पूर्वावलोकन से पांच हज़ार से अधिक नई प्रजातियों का पता चला है.
इस परियोजना के अंतर्गत विचित्र क़िस्म के जीव मिले हैं, कई जीव ऐसे हैं जो ऐसे रासायनों का स्राव करते हैं जिनसे कई बीमारियों का इलाज हो सकता है.
पूर्वावलोकन की रिपोर्ट वैज्ञानिकों के एक दल ने सैंटियागो में विज्ञान की प्रगित के लिए बनी अमरीकन एसोसियशन के वार्षिक बैठक में प्रस्तुत की है.
गणना का काम पिछले दस वर्षों से हो रहा है और अंतिम रिपोर्ट इसी साल अक्तूबर में प्रस्तुत की जाएगी.
वैज्ञानिक आधार
इस परियोजना पर 80 देशों के दो हज़ार से अधिक वैज्ञानिकों ने काम किया है. शोधकर्ताओं को आशा है कि ये गणना समुद्री जीवों से जुड़ी नीतियों के लिए वैज्ञानिक आधार बनेगा.
शोधकर्ताओं ने कुछ विचित्र प्रजातियों के फ़ोटो भी प्रस्तुत किए, जिनकी खोज पिछले दशक में की गई है. केकड़े के भी एक विचित्र प्रजाति को दिखाया गया.
फ़्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी के एक वैज्ञानिक डॉक्टर शिर्ले पोंपनी ने स्पंज की नई प्रजाति पर भी प्रकाश डाला.
स्पंज की ये नई प्रजाति अगस्त 1999 में फ़्लोरिडा में पाई गई. इस प्रजाति पर किए गए अध्ययन से पता चला कि वो एक ऐसे रासायन का स्राव करता है जिसमें कैंसर से लड़ने की क्षमता है. अब इस प्रजाति पर और शोध हो रहा है ताकि इसके चिकित्सकीय इस्तेमाल को आसान बनाया जा सके.
डॉक्टर पोंपनी कहते हैं, "जीवों का समुद्र में अनुकूलन करने से वो ऐसे रासायनिक उत्पादन करने लगते हैं जो बहुत शक्तिशाली कंप्यूटर भी नहीं बना सकता."
इस गणना की परियोजना का उद्देश्य समुद्री में संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ी वैश्विक नेटवर्क की स्थापना है, ताकि मछलियों के शिकार करने और अन्य मानवीय गतिविधियों को रोका जा सके.
ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक का कहना है कि समुद्र की निचली सतहों में मछली मारने से कोरल रीफ़ पर ख़तरा मंडरा रहा है.












