किस फ़ास्ट फ़ूड के वीडियो से बटोरे जाते हैं लाखों क्लिक्स

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- Author, ब्रायन लुफकिन
- पदनाम, बीबीसी वर्कलाइफ़
कुछ हफ़्ते पहले ब्रिटेन के लोगों को एक सुनहरा मौका मिला. सुनहरे से अधिक यह चटख नारंगी मौका था.
टैको बेल ने ब्रिटेन में डोरिटोस लोकोस टैको लॉन्च किया. इसमें टैको एक आवरण के साथ है जो एक बड़े डोरिटो से बना है.
क्या आपके मुंह में पानी आया? या आप निराश हुए? आपकी प्रतिक्रिया चाहे जो हो, टेक्स-मेक्स चेन का यह उत्पाद क़ामयाब है.
2012 में इसे सबसे पहले अमरीका में लॉन्च किया गया था. पहले साल इसके एक अरब यूनिट बिके और इसे अब तक के सबसे सफल फ़ास्ट फ़ूड में से एक बताया गया.
तब से ख़ास तौर पर अमरीका में कई स्नैक फ़ूड-फ़ास्ट फ़ूड सामने आ रहे हैं.
पिछले महीने पिज़्ज़ा हट ने चीज़-इट के आकार का कैलज़ोन लॉन्च किया. बेक किए हुए इस चौकोर पिज़्ज़ा का स्वाद चेडर चीज़ जैसा है.
अगस्त में केएफ़सी ने चीटोस (चीज़ के जायके वाले क्रिस्प्स) से भरे फ्राइड-चिकन सैंडविच को बाजार में उतारा था.
इनमें से कई उत्पाद सीमित अवधि के लिए ही बाज़ार में रहते हैं. लेकिन वे धमाके के साथ आते हैं, विशेषकर सोशल मीडिया में. और जैसा कि डोरिटोस लोकोस टैको की सफलता में दिखा है, वे उत्पाद को आगे बढ़ाते हैं.
लेकिन हम यहां तक कैसे पहुंचे, जहां पसंदीदा फ़ास्ट फ़ूड और वेंडिंग मशीन से मिलने वाले स्नैक्स को मिला दिया गया है? क्या इसके पीछे अमरीका की फ़ास्ट फ़ूड संस्कृति का हाथ है?

एक खाना दो स्वाद
इन अभियानों में शामिल कई ब्रांड और उत्पाद अमरीकी हैं, लेकिन विशेषज्ञ इस ट्रेंड को सिर्फ़ अमरीका का मानने से परहेज करते हैं. फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक फ़ूड का ये मेल दुनिया में कहीं भी मिल सकता है.
वॉशिंग्टन डीसी में स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूट की खाद्य इतिहासकार एशले रोज यंग कहती हैं, "हम सामान्यीकरण से बचने की कोशिश करते हैं."
"फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक फ़ूड दुनिया भर में तेज़ी से प्रचलित हो रहे हैं. इसलिए यह कहना सही नहीं है कि फ़ास्ट फ़ूड या स्नैक फ़ूड से बना कोई खाना अमरीकी है."
"कई जायके और सामग्रियां दुनिया भर की खाद्य संस्कृतियों से ली गई हैं."
यह सही है कि अमरीका को जंक फ़ूड पसंद है. यह बड़ा देश है और यहां के विशाल हाइवे के किनारे आधुनिक ड्राइव-थ्रू का जन्म हुआ है.

विकास का लंबा इतिहास
प्रसंस्कृत खाने की उत्पति किसी एक देश पर निर्भर नहीं है. इसका विकास हजारों सालों में हुआ है.
प्राचीन मिस्र के फराओ के मकबरे में नमक से संरक्षित मछलियां मिली हैं. 19वीं सदी में फ्रांस में डिब्बाबंद खाने की शुरुआत हुई थी.
आज प्रसंस्कृत भोजन दुनिया में हर जगह उपलब्ध है, चाहे क्रिस्प्स के पैकेट हों या शॉपिंग सेंटर के टेक-अवेज.
इसीलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि चीटोस चिकन सैंडविच जैसे खाने सिर्फ़ अमरीका तक सीमित नहीं हैं.
2015 में जापान में फ़ास्ट फ़ूड चेन फ़र्स्ट किचन ने क्रीम एंड ऑरेंज सैंडविच में किट कैट (चॉकलेट) का इस्तेमाल शुरू किया था.
2014 में ऑस्ट्रेलिया में पिज़्ज़ा हट ने डोरिटोस से पिज़्ज़ा क्रस्ट (चूरा) बनाया था. इटली में 2016 में मैकडोनल्ड्स ने डेजर्ट बर्गर में न्यूटेला का इस्तेमाल किया.
पिछले महीने ब्रिटेन में मैकडोनल्ड्स ने एक जाने-माने चॉकलेट ब्रांड का इस्तेमाल करके गैलेक्सी साल्टेड कैरमेल मैकफ्लरी पेश किया.
एडम सैंडलर ने फ़ास्ट फ़ूड और अमरीकी जीवन पर "ड्राइव-थ्रू ड्रीम्स" नामक किताब लिखी है.
वह कहते हैं, "घालमेल करके बनाई गई ये सभी चीज़ें थोड़ी अजीब लग सकती हैं, लेकिन फ़ास्ट फ़ूड चेन के लिए ये नये उत्पादों से ज़्यादा असरदार हैं. लोग इन स्वाद को जानते भी हैं और ये उनके लिए नये भी हैं."
इन ओवर-दि-टॉप फ़ूड आइटम की मांग किसी भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. लोगों को चौंका देने की उनकी क्षमता सार्वभौमिक है.
बर्गर किंग के विशाल डीप-फ्राइड मैकरोनी एंड चीज़ स्टिक को चीटोस की तरह आकार और स्वाद दिया गया है. यह किसी भी मेन्यू में सरप्राइज है.
सैंडलर कहते हैं, "हाल के वर्षों में इन तरकीबों का चलन खूब बढ़ा है. उनको सोच-समझकर तैयार किया गया है. सिर्फ़ खाने के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल खपत के लिए भी."
"सोशल मीडिया पर युवाओं को वे बहुत पसंद आते हैं. इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीरें अच्छी लगती हैं. वे उत्सुकता बढ़ाते हैं, ध्यान खींचते हैं."

मज़ा और सुविधा
फ़ास्ट फ़ूड कंपनियों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल आक्रामक और चतुराई से किया है.
वेंडीज जैसे ट्विटर एकाउंट के बेअदब सुर इंटरनेट के सुर से मेल खाते हैं. युवाओं और सोशल मीडिया प्रेमी ग्राहकों तक उनकी पहुंच है और उनके ताल मिलते हैं.
जब भी कोई स्नैक-जंक फ़ूड बाजार में आता है तो वह सीमित अवधि के लिए होता है. लेकिन उतने समय में सोशल मीडिया पर उसकी चर्चा बनी रहती है.
केएफ़सी के चीटोस चिकन सैंडविच के मामले में इसे खाने वालों के वीडियो रिव्यू को यू-ट्यूब पर लाखों लोगों ने देखा.
ASMR और मकबैंग (बड़ी मात्रा में खाना खाते हुए लाइव प्रसारण) को मिलाकर किए गए एक रिव्यू को 12 लाख लोगों ने देखा.
इसी तरह पिज़्ज़ा हट में एक व्यक्ति के चीज़-इट पिज़्ज़ा खाने के संगीतबद्ध वीडियो को टिकटॉक पर 35 हजार बार "लाइक" किया गया.

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2012 में टैको बेल के डोरिटोस टैको की सफलता के लिए ट्विटर और वाइन (माइक्रो वीडियो शेयरिंग ऐप) अहम थे.
केएफ़सी के डबल डाउन सैंडविच, जिसमें ब्रेड के टुकड़ों की जगह तले हुए चिकन के स्लैब डाले गए थे, ने केएफ़सी डॉट कॉम का ट्रैफिक 29 फीसदी बढ़ा दिया.
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पोषण, खाद्य अध्ययन और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रिटायर प्रोफेसर मैरियॉन नेस्ले कहती हैं, "मिलेनियल्स इन तरकीबों को पसंद करते हैं, इसलिए मार्केटिंग के लोग उनका इस्तेमाल करते हैं."
"लोग फ़ास्ट फ़ूड से ऊब चुके हैं इसलिए इस तरह की चीज़ें दिलचस्पी जगाती हैं."

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युवाओं को लुभाना
अमरीका की कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी में रड सेंटर फ़ॉर फ़ूड पॉलिसी एंड ओबिसिटी में मार्केटिंग इनिशिएटिव की डायरेक्टर जेनिफर हैरिस का कहना है कि फ़ास्ट फ़ूड कंपनियां युवा ग्राहकों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया और अजूबे व्यंजनों को जोड़ते हैं.
कम उम्र के लोग अमरीका और ब्रिटेन में फ़ास्ट फ़ूड के सबसे बड़े ग्राहक हैं.
हैरिस स्नैक फ़ूड-फ़ास्ट फ़ूड को वेपिंग (ई-सिगरेट) और एनर्जी ड्रिंक की तरह मानती हैं जो एक जैसे समूह को टारगेट करते हैं, ख़ास तौर पर 13 साल से लेकर 24 साल तक के लड़कों को.
वह कहती हैं, "सेहत (आम तौर पर) उनकी पहली प्राथमिक चिंता नहीं है. उनकी चिंता बेफिक्र रहने और अपने दोस्तों को यह दिखाने की है कि वे साहसी और रोमांचक हैं."
"उनके सारे दोस्त सोशल मीडिया पर यह देख सकते हैं कि उन्होंने यह नई चीज़ खरीदी और खायी है." और अगर कोई चीज़ वायरल हो जाए तो यह किसी कंपनी के लिए सबसे सस्ती और असरदार मार्केटिंग हो सकती है.
खाद्य इतिहासकार यंग कहती हैं, "कंपनियों के लिए ज़्यादा चीज़, ज़्यादा मांस, ज़्यादा लेयर, कुरकुरापन या स्वाद के लिए सॉस या चीटोज मिलाकर नये, चौंकाने वाले फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक फ़ूड का मेल तैयार करना लंबी परंपरा का हिस्सा है."
"फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक्स की मार्केटिंग आम तौर पर मज़े और सुविधा के लिए की जाती है. ये दोनों चीज़ें कई ग्राहकों को पसंद आती हैं."

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मार्केटिंग का तरीका
क्या फ़ास्ट फ़ूड के भविष्य का इससे कोई संबंध हो सकता है? हैरिस इसे "नीचे की ओर दौड़" कहती हैं.
"यदि कोई एक कंपनी ऐसा कर रही है और वह किसी समूह को पसंद आ रहा है जिसे आप अपना ग्राहक बनाना चाहते हैं तो आप भी ऐसा करेंगे- वरना आप उनको खो देंगे."
इनमें से ज़्यादातर कंपनियां अमरीका की हैं और कई स्नैक फ़ूड अमरीका से शुरू हुए हैं.
फिर भी यंग का मानना है कि वे स्थिर उत्पाद नहीं हैं और सिर्फ़ अमरीका में रहने वाले लोगों की स्वाद वरीयताओं को नहीं दर्शाते.
ये उत्पाद जब किसी अन्य देश में पहुंचते हैं तो वहां के लोगों के जायके के हिसाब से बदल जाते हैं, जैसे जापान में किट कैट को शेक के जायके में पेश किया गया था.
2014 में डेजर्ट पिज़्ज़ा में भी किट कैट चॉकलेट को डाला गया था.
आप चाहे कहीं भी रहें, आने वाले वर्षों में सोशल मीडिया पर इन उत्पादों से आपका पेट भरता रहेगा. आप इन्हें न खाएं तो भी आप दूसरों के इन्हें खाने के वीडियो देखते रहेंगे.
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