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तमिल विद्रोहियों से आत्मसमर्पण को कहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने श्रीलंका के तमिल विद्रोहियों से तुरंत हथियार डालने को कहा है ताकि संघर्ष वाले इलाक़े में फंसे आम नागरिकों को निकाला जा सके. एक अनौपचारिक बैठक के बाद सुरक्षा परिषद की ओर से इसके मौजूदा अध्यक्ष मैक्सिको के क्लॉड हेलर ने तमिल विद्रोहियों को चरमपंथी आंदोलन क़रार दिया और कहा कि संकट के समाधान के लिए विद्रोहियों को राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए. न्यूयॉर्क से बीबीसी संवाददाता के अनुसार हेलर का बयान बाध्यकारी नहीं है, क्योंकि ये एक अनौपचारिक बैठक के बाद आया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र में फ़्रांस के राजदूत ने कहा है कि फ़्रांस और ब्रिटेन श्रीलंका के तटों पर फंसे आम नागरिकों को बचाने के लिए पोत भेजने पर विचार कर रहे हैं. भारत ने चिंता जताई इधर भारत ने श्रीलंका में तमिल नागरिकों की हत्या पर नाख़ुशी ज़ाहिर करते हुए उसे तुरंत रोकने की अपील की है. भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने श्रीलंका की स्थिति पर विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के साथ चर्चा की और उसके बाद प्रणब मुखर्जी ने एक बयान जारी किया. मुखर्जी ने कहा, " हम श्रीलंका में तमिल नागरिकों की लगातार हो रही हत्याओं से काफ़ी नाख़ुश हैं. ये रोकी जानी चाहिए." भारत ने श्रीलंका सरकार से कहा है कि अपने नागरिकों को बचाने की ज़िम्मेदारी उसकी है. कॉंग्रेस की स्टार प्रचारक और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने बीबीसी से एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत सरकार को संघर्ष में फंसे आम तमिल नागरिकों की हर संभव सहायता करनी चाहिए. हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी निजी राय है और वह पार्टी प्रवक्ता के तौर पर या सरकार की ओर से यह बयान नहीं दे रही हैं. इसके साथ ही तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम से भी भारत ने कहा है कि वो नागरिकों को बंधक बनाए रखने की कोशिश बंद करे. |
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