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तमिलों की हत्या रोकने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने श्रीलंका में तमिल नागरिकों की हत्या पर नाख़ुशी ज़ाहिर करते हुए उसे तुरंत रोकने की अपील की है. भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने श्रीलंका की स्थिति पर विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के साथ चर्चा की और उसके बाद प्रणब मुखर्जी ने एक बयान जारी किया. मुखर्जी ने कहा, "हम श्रीलंका में तमिल नागरिकों की लगातार हो रही हत्या से काफ़ी नाख़ुश हैं. ये हत्याएँ रोकी जानी चाहिए." भारत ने श्रीलंका सरकार से कहा है कि अपने नागरिकों को बचाने की ज़िम्मेदारी उसकी है. इसके साथ ही तमिल विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम या एलटीटीई से भी भारत ने कहा है कि वो नागरिकों को बंधक बनाए रखने की बर्बरतापूर्ण कोशिश बंद करे. भारत का कहना है कि श्रीलंका में जारी मानवीय संकट का कोई सैनिक हल नहीं निकल सकता और सभी संबंधित पक्षों को ये समझना चाहिए. मुखर्जी के बयान में कहा गया है कि भारत मसले का राजनीतिक रास्ते से ही हल निकल सकता है और भारत इस दिशा में काम करेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें दो वरिष्ठ तमिल विद्रोहियों का समर्पण22 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित22 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस 'तमिल क्षेत्र से 52 हज़ार आम लोग भागे'21 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस 'आम लोगों पर बमबारी कर रही है सेना'21 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में फँसे हज़ारों आम तमिल भागे20 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में मेडिकल आपूर्ति की कमी'19 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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