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मंगलवार, 21 अप्रैल, 2009 को 16:00 GMT तक के समाचार
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'तमिल क्षेत्र से 52 हज़ार आम लोग भागे'
भागकर निकले आम लोग
सेना का कहना है कि भागकर बाहर निकले लोगों को सरकारी शिविरों मे ले जाया जा रहा है
श्रीलंका सेना का कहना है कि उत्तर के लड़ाई वाले क्षेत्रों से सोमवार सुबह से लगभग 52 हज़ार आम नागरिक बचकर बाहर निकल गए हैं.

सेना का कहना है कि वहाँ बहुत छोटे से हिस्से में विद्रोही बचे हुए हैं और सेना उस हिस्से में और आगे बढ़ी है.

उधर एलटीटीई विद्रोहियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि सेना की कार्रवाई में 1000 से अधिक आम लोग मारे गए हैं और इससे दोगुना संख्या में लोग घायल हुए हैं.

सेना ने विद्रोहियों को समर्पण के लिए 24 घंटे का समय दिया था जो मंगलवार को समाप्त हो गया.

श्रीलंका सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदया ननयक्करा ने इस बारे में कहा,"एलटीटीई ने हमारे समर्पण के आह्वान का कोई उत्तर नहीं दिया है इसलिए हम नागरिकों को बचाने के लिए अपना अभियान जारी रख रहे है."

सेना और विद्रोहियों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि युद्धक्षेत्र में मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है.

अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था रेडक्रॉस ने युद्धक्षेत्र में आम नागरिकों की स्थिति पर चिंता जताई है.

विरोधाभासी दावे

 एलटीटीई ने हमारे समर्पण के आह्वान का कोई उत्तर नहीं दिया है इसलिए हम नागरिकों को बचाने के लिए अपना अभियान जारी रख रहे है
ब्रिगेडियर उदया ननयक्करा, प्रवक्ता, श्रीलंका सेना

तमिल विद्रोहियों की समर्थक एक वेबसाइट तमिलनेट ने कहा है कि विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में ज़मीन पर आम लोगों के शव बिखरे हुए हैं.

तमिल समर्थकों ने क्षत-विक्षत शवों की वीडियो तस्वीरें भी जारी की हैं लेकिन ये पक्का नही है कि ये रिकॉर्डिंग किस समय की है.

इसके बाद सेना ने भी वीडियो जारी किया है जिसमें आम नागरिक भागते हुए दिखाई दे रहे हैं.

सेना ने बताया कि भागकर बाहर आ रहे लोगों को सरकारी शिविरों में ले जाया जा रहा है.

सेना का कहना है कि बहुत सारे लोग समुद्र के रास्ते भागे जिनकी बाद में नौसेना ने सहायता की.

विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सेना तमिल लोगों का इस्तेमाल मानव कवच की तरह कर रही है और उनसे ज़बरदस्ती बारूदी सुरंगे हटवा रही है.

लेकिन सेना के एक प्रवक्ता ब्रिगेडियर ननयक्करा ने बीबीसी से बात करते हुए आम लोगों पर गोलीबारी की बात से इनकार किया है और कहा है कि सेना निर्दोष लोगों को बचा रही है.

सेना प्रवक्ता ने कहा कि इसके विपरीत विद्रोही भागते हुए आम लोगों को मार रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि यदि वे लोग भाग गए तो विद्रोहियों का बचना मुश्किल होगा.

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