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'जंग हार रही है गठबंधन सेना' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और नैटो के नेतृत्व वाली सेना के कमांडर ने स्वीकार किया है कि देश के दक्षिणी हिस्से में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में जीत हासिल नहीं हो रही है. जनरल डेविड जनरल मैकिरनैन ने कहा है कि इसकी वजह ये है कि इन इलाक़ों में लगातार सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं रह पाते. अगर ऐसा होता तो स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने में मदद मिलती. हालाँकि उन्होंने कहा कि 17 हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जा रहे हैं और इनमें से ज़्यादातर दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तैनात किए जाएँगे. जनरल मैकिरनैन ने कहा कि इन अतिरिक्त सैनिकों की उपस्थिति से इस साल के अंत तक वहाँ की सुरक्षा स्थिति बदलेगी. रविवार को एक अख़बार के साथ इंटरव्यू में अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी माना था कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में लड़ाई नहीं जीत पा रहा है. मुश्किल जनरल मैकिरनैन का कहना था कि नैटो गठबंधन सेना उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान के कुछ हिस्सों में स्थिरता लाने में सहायक रही है, लेकिन दक्षिणी और पूर्वी भागों में नेटो की सेना की जीत के कोई आसार नहीं दिख रहे. उन्होंने कहा, "मेरे ख़्याल में इस बारे में एक स्पष्ट रणनीति तो पहले से ही मौजूद है लेकिन मुझे लगता है कि संसाधनों की कमी एक बहुत बड़ी वजह है. इस रणनीत को सफल बनाने के लिए संसाधन लगाने होंगे और वो भी केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि नागरिक स्तर पर भी. ज़्यादा से ज़्यादा सामाजिक और आर्थिक कार्यक्रम बनाने होंगे, सहायता बढ़ानी होगी और इस तरह स्थानीय संस्थानों से लेकर पूरे अफ़ग़ानिस्तान में विकास के बारे में सोचना होगा." अगले कुछ महीनों में 17 हज़ार और अमरीकी सैनिक अफगानिस्तान पहुँचेंगे और इनमें से अधिकतर को दक्षिणी भागों में तैनात किया जाएगा, जहाँ पहले से ही ब्रिटिश सेना तैनात है. जनरल मैकिरनैन ने बीबीसी से बातचीत में स्पष्टीकरण दिया कि दक्षिण में अमरीकी सेना भेजने का मतलब ये नहीं है कि उन्हें ब्रितानी सेना की क्षमता पर भरोसा नहीं है. मदद उनका कहना था कि हेलमंद में ब्रिटिश सैनिकों ने विद्रोह को काफ़ी हद तक दबाया है, लेकिन अब जो अमरीकी सैनिक वहाँ तैनात किए जाएँगे, वे सुरक्षा स्थितियों को और मज़बूत बनाने में मदद दे सकेंगे.
जनरल मैकिरनैन ने ब्रिटिश सेना की क्षमता पर संदेह नहीं जताया लेकिन पिछले कुछ महीनों में दक्षिण में ब्रिटिश सेना के अभियानों की काफ़ी आलोचना हुई है. कुछ विश्लेषकों की राय ये भी है कि वहाँ ब्रितानी सेना के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, उपकरणों की कमी है और हेलिकॉप्टरों भी कम हैं. ब्रितानी सरकार और सेना इस बात को मानने को तैयार नहीं. लेकिन माना जा रहा है कि दक्षिण में अमरीकी सेना को भेजने के पीछे ये एक बहुत बड़ा कारण है. |
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