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शनिवार, 21 फ़रवरी, 2009 को 08:29 GMT तक के समाचार
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'अमरीकी अदालतों में जाने का हक़ नहीं'
बगराम
वकील प्रोफ़ेसर बारबरा ओल्शेंस्की का कहना है कि बगराम में हालात ग्वांतानामों से भी ख़राब हैं
अमरीकी सरकार ने वॉशिंगटन में एक अदालत को से अनुरोध किया है अफ़ग़ानिस्तान के बगराम हवाई अड्डे में बंधक बनाकर रखे गए लोगों को अमरीकी अदालतों में अपनी हिरासत को चुनौती देने का हक़ नहीं होना चाहिए.

ओबामा प्रशासन ने वॉशिंगटन में एक जज के समक्ष अपना अनुरोध रखा है. अदालत चार ऐसे लोगों की परिवारों की ओर से दायर याचिका पर विचार कर रही है जो बगराम हवाई अड्डे में बंधक हैं.

राष्ट्रपति बराक ओबामा का कार्यकाल शुरु होने से पहले से ही ये मामला अदालत में शुरु हो चुका था और जज ने नए ओबामा प्रशासन से इस मामले पर अपने विचार रखने के लिए कहा था.

अमरीकी प्रशासन के न्याय विभाग का कहना है कि बगराम में बंदी बनाए गए 600 लोग दुश्मन लड़ाके हैं और उनके कोई संवैधानिक अधिकार नहीं हैं.

'बुश प्रशासन जैसा रुख़'

उधर मानवाधिकार संगठनों ने इस बात पर निराशा जताई है कि राष्ट्रपति कार्यालय वैसा ही रुख़ अपना रहा है जैसा बुश प्रशासन ने अपनाया था.

याचिका दायर करने वालों की प्रमुख वकील प्रोफ़ेसर बारबरा ओल्शेंस्की ने बीबीसी को बताया है कि न्याय विभाग का नियमों में सुधार न करना 'आश्चर्यजनक है और बहुत ही निराशाजनक है.'

प्रोफ़ेसर बारबरा ओल्शेंस्की का कहना है कि बगराम में तो ग्वांतानामों बे से बुरे हालात हैं.

 बगराम में स्थितियाँ न तो युद्ध के क़ानूनों के मुताबिक हैं, न ही मानवाधिकार संधियों के अनुरूप. सैन्य अदालतों की सुनवाई नहीं है जिसमें बंधक अपना पक्ष रख सकें. उत्पीड़न के कारण आत्महत्याएँ हुई हैं जो अमरीका ने स्वीकार किया है
प्रोफ़ेसर बारबरा ओल्शेंस्की

उन्होंने कहा, "बगराम में स्थितियाँ न तो युद्ध के क़ानूनों के मुताबिक हैं, न ही मानवाधिकार संधियों के अनुरूप. सैन्य अदालतों की सुनवाई नहीं है जिसमें बंधक अपना पक्ष रख सकें. उत्पीड़न के कारण आत्महत्याएँ हुई हैं जो अमरीका ने स्वीकार किया है."

'ध्यानपूर्वक चलने का प्रयास'

बीबीसी संवाददाता कीविन कोनौली का कहना है कि ये स्पष्ट सबूत है कि ग्वांतानामों बे जेल बंद करने के फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति ओबामा अन्य जगहों पर अमरीकी सेना के बनाए बंधकों के बारे में हर कदम बहुत ही ध्यानपूर्व रखना चाहते हैं.

ग़ौरतलब है कि पिछले साल अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि अमरीकी नौसैनिक अड्डे ग्वांतानामो बे में कैद संदिग्ध लोगों को अपनी हिरासत को चुनौती देने का अधिकार है.

इसके बाद ही बगराम में कैद चार लोगों के परिजनों ने वॉशिगटन में ये याचिका दायर की थी.

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