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अमरीकी अड्डे से भागे क़ैदियों की तलाश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी सेना का कहना है कि बगराम स्थित उनके प्रमुख वायुसेना अड्डे से भाग निकले चार ख़तरनाक क़ैदियों की ज़ोर-शोर से तलाश चल रही है. उन्होंने बताया कि सेना और स्थानीय अधिकारी के प्रयासों में हेलीकॉप्टरों से भी मदद दी जा रही है. अमरीका का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि बगराम अड्डे से कोई बंदी फ़रार हुआ है. अमरीकी सेना के प्रवक्ता कर्नल जेरी ओ'हारा ने कहा,"ये एक बहुत गंभीर बात है. हम उनको वापस वहाँ ले जाना चाहते हैं जहाँ से वो आए थे". उन्होंने बताया कि भागनेवाले बंदी सीरिया, कुवैत, सउदी अरब और लीबिया के चरमपंथी थे. फ़रार अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना ने सोमवार को कहा था कि बगराम में उनके मुख्य अड्डे से चार "ख़तरनाक क़ैदी" भाग गए हैं. अमरीकी सैनिक अधिकारी ने बताया कि ये क़ैदी सोमवार की सुबह काबुल से उत्तर स्थित बगराम वायुसेना अड्डे से निकल भागे. अमरीकी सेना के प्रवक्ता ने बताया,"हमने उन चार बंदियों को पकड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया है". लेकिन अधिकारी ने ये नहीं बताया कि चारों बंदी कैसे भाग पाए. अफ़ग़ानिस्तान से कुछ सूत्रों ने बताया है कि चारों बंदी अरब हैं, मगर अमरीकी सेना ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया है. बगराम हवाई अड्डे में अभी सैकड़ों लोगों को बंदी बनाकर रखा गया है जिसमें कई अफ़ग़ान हैं. समझा जाता है कि बगराम अड्डे में अल-क़ायदा के कई वरिष्ठ सदस्यों को गिरफ़्तार कर रखा गया है जिसमें कई दूसरे देशों के भी है. |
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