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'बाजौड़ में सैनिक कार्रवाई सफल' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सेना का कहना है कि बाजौड़ में तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ छह महीने चली कार्रवाई सफल रही है. बाजौड़ अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा इलाक़ा है. बाजौड़ में एक सैनिक ठिकाने पर पत्रकारों से बातचीत में मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने कहा कि सेना ने यहाँ सक्रिय तालेबान के प्रतिरोध की कमर तोड़ दी है. मेजर जनरल तारिक़ ख़ान बाजौड़ में सैनिक कार्रवाई में लगे सैनिकों के कमांडर हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेना अभी बाजौड़ में बनी रहेगी. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बाजौड़ में सैनिक कार्रवाई के दौरान 1500 चरमपंथी और क़रीब सौ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. 'राहत नहीं' अमरीका कई बार ये कह चुका है कि ये अर्ध स्वायत्त इलाक़ा विद्रोहियों की शरणस्थली है और यहीं से चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ हमले करते हैं. पत्रकारों से बातचीत में मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने कहा, "हमारा मानना है कि हमने इस इलाक़े को सुरक्षित बना दिया है. वे हार गए हैं. वहाँ उनकी शक्ति ख़त्म हो गई है." उन्होंने कहा कि कुछ सैनिकों को इलाक़े से हटाया जा सकता है लेकिन ज़्यादातर सैनिक अभी वहाँ बने रहेंगे. मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने इससे इनकार किया कि स्वात घाटी के तालेबान गुट की तरह इस इलाक़े के चरमपंथी गुट को कोई राहत दी जाएगी. उन्होंने कहा कि स्वात में हुआ समझौता बिल्कुल अलग परिस्थितियों में हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में विस्फोट, नौ मरे21 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बाजौड़ में बम धमाके में 19 मरे 06 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथियों के गढ़ पर सेना का कब्ज़ा'25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी सैनिकों पर 'हवाई फ़ायरिंग'15 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ताज़ा कार्रवाई में 30 'चरमपंथी' मारे गए14 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाक-अफ़ग़ान सीमा पर लड़ाई जारी08 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में पत्रकार की 'हत्या'23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस बाजौड़ कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन03 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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