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बाजौड़ में बम धमाके में 19 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित क़बायली इलाक़े बाजौड़ एजेंसी में एक बम धमाके में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है. धमाके में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं. यह धमाका तब हुआ जब क़बायली इलाक़े के बुज़ुर्ग नेताओं की एक बैठक चल रही थी, इस बैठक का उद्देश्य इलाक़े से चरमपंथियों को बाहर निकालने की योजना बनाना था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि "लगभग पंद्रह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं." बाजौड़ को चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है और समारिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच का गलियारा है. पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि धमाका रिमोट कंट्रोल के ज़रिए किया गया. पिछले कुछ समय से पाकिस्तानी सेना अभियान चला रही है कि स्थानीय लोग अल क़ायदा और तालेबान से जुड़े चरमपंथियों का विरोध करें. यही वजह है कि तालेबान से जुड़े चरमपंथी उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो पाकिस्तान सेना का कहना मान रहे हैं. इससे पहले पिछले महीने भी तालेबान से निबटने की योजना बनाने के लिए हो रही एक बड़ी बैठक में औरकज़ई क़स्बे में एक भारी धमाका हुआ था जिसमें तीस लोग मारे गए थे. दुर्गम पहाड़ी इलाक़े में पाकिस्तानी सेना पिछले कुछ समय से कार्रवाई कर रही है लेकिन उसे कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है, अमरीका सेना ने भी इस इलाक़े पर कई बार बमबारी की है. पाकिस्तान और अमरीका की कोशिश है कि स्थानीय लोगों को मज़बूत किया जाए ताकि विदेशी चरमपंथी वहाँ पैठ न बना सकें. |
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