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कनाडाई पत्रकार अफ़ग़ानिस्तान में रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अपहरणकर्ताओं ने कनाडाई टेलीविज़न पत्रकार मेलिसा फंग को रिहा कर दिया है. उनका चार हफ़्ते पहले काबुल से अपहरण हुआ था. मेलिसा कनाडा के सीबीसी टीवी के लिए काम करती है. मेलीसा फ़ंग को हथियारों से लैस अपहर्ताओं ने उस वक़्त बंधक बना लिया था जब वो शहर के बाहर बने एक शरणार्थी शिविर से रिपोर्टिंग कर रही थीं. बंधक वहाँ से उन्हें पश्चिम की तरफ़ पहाड़ियों पर ले गए थे. उनका अपहरण 12 अक्तूबर को किया गया था. वारदक प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ने कहा कि स्थानीय कबायली नेताओं की मदद से फ़ंग को छुड़ाने के लिए बंधको से बातचीत की गई. 'नहीं दी गई फ़िरौती' कनाडाई प्रधानमंत्री स्टीफ़न हर्पर ने कहा कि फ़ंग को छुड़ाने के लिए किसी भी तरह की फ़िरौती नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि न तो उनकी सरकार की तरफ़ से और न ही सीबीसी या फिर किसी और की तरफ़ से ऐसा किया गया. लेकिन उन्होंने ये उजागर किया कि पिछले महीने सैंकड़ो कनाडाई और अफ़ग़ान अधिकारी उनकी रिहाई के लिए कोशिश कर रहे थे. अफ़ग़ानिस्तान के प्रयास की सराहना करते हुए उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई का शुक्रिया अदा किया. हार्पर ने प्रेस कॉंफ़्रेस में बताया कि “फ़ंग ने इन हालातों में साहस दिखाया और वो ठीक हैं.” सीबीसी न्यूज़ के प्रकाशक, जॉन क्रुईकशैंक ने मेलिसा फ़ंग की रिहाई को अच्छी ख़बर बताया है और साथ ही अफ़ग़ान सरकार के लिए सम्मान प्रकट किया. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल के बाहर भी शांति सेना तैनात होगी13 अक्तूबर, 2003 को | पहला पन्ना अफ़गान चुनाव प्रचार आख़िरी दौर में05 अक्तूबर, 2004 | पहला पन्ना करज़ई ने सख़्त कार्रवाई की माँग की21 मई, 2005 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला05 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना जुझारू नेता माने जाते हैं करज़ई05 दिसंबर, 2001 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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