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श्रीलंका और ब्रिटेन आमने-सामने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका ने ब्रितानी प्रधानमंत्री के दूत के रूप में डेस ब्राउन के नामांकन को ठुकरा दिया है. डेस ब्राउन पूर्व रक्षा मंत्री हैं. श्रीलंका का कहना है कि ब्राउन का नामांकन अशिष्ट तरीक़े की दखलंदाज़ी है. ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा था कि डेस ब्राउन श्रीलंका सरकार और सामुदायिक नेताओं के साथ मिलकर काम करेंगे. लेकिन श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे और उनकी कैबिनेट का कहना है कि डेस ब्राउन की नियुक्ति से कोई सहयोग नहीं होगा और ये नियुक्ति उनसे सलाह के बिना की गई है. विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक़ डेस ब्राउन की नियुक्ति श्रीलंका के आंतरिम मामलों में दख़ल की तरह है. बयान में कहा गया है कि कैबिनेट को ऐसा लगता है कि ये नियुक्ति संघर्ष के स्थायी हल की दिशा में रुकावट होगी. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि डेस ब्राउन की नियुक्ति का विरोध ब्रितानी सरकार के लिए शर्मिंदा करने वाला है. ख़ासकर वैसी स्थिति में जब श्रीलंका की सरकार ने ब्रिटेन पर आरोप लगाया है कि उसने एकतरफ़ा नियुक्ति की है. बातचीत ब्रितानी प्रधानमंत्री के कार्यालय का कहना है कि अभी डेस ब्राउन की भूमिका को लेकर बातचीत चल रही है और उम्मीद यही है कि कोई न कोई समझौता हो जाएगा.
लेकिन श्रीलंका के विदेश मंत्री रोहित बोगोलागमा ने चेतावनी दी है कि डेस ब्राउन के नामांकन के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में उन्होंने कहा, "इस मामले पर ब्रिटेन के साथ कोई चर्चा नहीं हो रही है." श्रीलंका के मीडिया मंत्री अनुरा यापा ने कहा कि सरकार ने अपनी नाराज़गी ब्रितानी उच्चायुक्त को बता दी है. उन्होंने कहा, "हम अब ब्रितानी उपनिवेश नहीं है. हम अपने यहाँ बेघर हुए लोगों की देखभाल करने में सक्षम हैं." देश के पूर्वोत्तर हिस्से में अभी भी हज़ारों लोग सेना और एलटीटीई के बीच जारी लड़ाई में फँसे हुए हैं. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सैकड़ों लोग लड़ाई वाले क्षेत्र से भाग गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में घायलों को निकालने का प्रयास11 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में आत्मघाती हमला, कई हताहत09 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: बीबीसी ने करार ख़त्म किया 09 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों के इलाक़े से पलायन08 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस अहम समुद्री ठिकाने पर कब्ज़े का दावा05 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका का युद्धविराम पर चर्चा से इनकार05 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाई तमिलों के लिए हड़ताल04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस अस्पताल पर बम हमला, 52 की मौत04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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