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तमिल विद्रोहियों के इलाक़े से पलायन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सरकार का कहना है कि देश के उत्तर में तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े से 10 हज़ार से ज़्यादा आम नागरिक भाग गए हैं. राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने तमिल विद्रोहियों से हज़ारों और नागरिकों को निकलने देने और बिना शर्त हथियार डालने की अपील की है. देश में तमिल विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े पर सरकारी सेना का दबाव बढ़ता जा रहा है. राहत एजेंसियों ने इन इलाक़ों में फँसे दो लाख से ज़्यादा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है. सरकार ने तमिल विद्रोहियों पर आरोप लगाया है कि वो आम नागरिकों को निकलने नहीं दे रहे हैं और उन्हें अपने बचाव के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. दूसरी ओर तमिल विद्रोहियों का कहना है कि आम नागरिक सेना के डर से अपने घरों को नहीं छोड़ रहे. रोक श्रीलंका सरकार ने स्वतंत्र पत्रकारों के उन इलाक़ों में जाने पर रोक लगा रखी है जहाँ तमिल विद्रोहियों के साथ संघर्ष चल रहा है. इसलिए किसी भी तरह के दावे की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि बुधावर से लेकर अब तक 10 हज़ार नागरिक किलिनोची पहुँचे है और 139 जाफ़ना आए हैं. बयान में कहा गया है, "इन नागरिकों में 2,800 बच्चे और तीन हज़ार महिलाएँ हैं." इस बीच सेना का कहना है कि वो तमिल विद्रोहियों के ठिकानों के नज़दीक पहुँच रही है और अब विद्रोही सिर्फ़ 200 वर्ग मीटर के दायरे में सीमित होकर रह गए हैं. सेना का दावा है कि शनिवार को भीषण लड़ाई में तमिल विद्रोहियों को ख़ासा नुक़सान हुआ है. तमिल विद्रोहियों की समर्थक वेबसाइट तमिलनेट का कहना है कि दो दिन की गोलाबारी में 120 नागरिक मारे गए हैं. सहायता एजेंसियाँ ख़ासकर संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम युद्ध क्षेत्र में फँसे हज़ारों आम नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंतित है. | इससे जुड़ी ख़बरें अहम समुद्री ठिकाने पर कब्ज़े का दावा05 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका: अस्पताल पर फिर हमला03 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें: मून27 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'मानवीय संकट' जैसी स्थिति27 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'मुलईतिवु पर श्रीलंकाई सेना का क़ब्ज़ा'25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सेना 'विद्रोहियों के गढ़' में पहुँची25 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में लड़ाई, संपादक पर हमला23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में आम जनता के लिए सुरक्षित ज़ोन21 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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