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गुरुवार, 05 फ़रवरी, 2009 को 22:51 GMT तक के समाचार
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अहम समुद्री ठिकाने पर कब्ज़े का दावा
समुद्री तट पर सैनिक
सेना का दावा कि तमिल विद्रोहियों का कब्ज़ा अब कुछ मील के तट पर ही बचा है
श्रीलंका की सेना ने दावा किया है कि उसने देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक तमिल विद्रोहियों के आख़िरी समुद्री ठिकाने पर कब्ज़ा कर लिया है.

सेना का कहना है कि तीन वरिष्ठ कमांडरों सहित 15 विद्रोही लड़ाके चालाई में हुए संघर्ष में मारे गए हैं.

इस दावे की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि नहीं हो सकी है और तमिल विद्रोहियों की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

इससे पहले श्रीलंका की सरकार ने अमरीका, ब्रिटेन और कनाडा के उस अनुरोध को ख़ारिज कर दिया था जिसके तहत श्रीलंका से तमिल विद्रोहियों के साथ युद्धविराम की शर्तों पर बातचीत करने के लिए कहा गया था.

इस बीच सहायता एजेंसियों ने संघर्ष के बीच फँसे हुए नागरिकों की स्थिति को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

आख़िरी ठिकाना

सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय नानयाक्कारा ने कहा है कि चालाई पर कब्ज़े के बाद देश के पूर्वी तट पर स्थित तमिल विद्रोहियों के सभी समुद्री ठिकानों पर सेना का कब्ज़ा हो गया है.

उनका कहना है कि संघर्ष में जो विद्रोही मारे गए हैं उनमें विद्रोहियों के समुद्री बल का उपनेता शामिल है.

प्रवक्ता का कहना था कि अब सेना इस इलाक़े में बचे हुए थोड़े बहुत प्रतिरोध को ख़त्म करने का प्रयास कर रही है.

 दोनों पक्ष एक साथ काम करें. एटीटीई हथियार डाले और सरकार संघर्ष का रास्ता छोड़े. दो हाथों से ही ताली बजती है
पी चिदंबरम

सेना ने पिछले महीने विद्रोहियों की चार नौकाएँ डुबो देने का दावा करने के बाद कहा था कि अब समुद्री इलाक़े पर उसका कब्ज़ा हो गया है.

तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई को देश के उत्तरी भाग से खदेड़ देने के बाद दोनों पक्षों के बीच एक छोटे से इलाक़े में संघर्ष चल रहा है.

सेना का कहना है कि अब समुद्री तट के कुछ मील के दायरे पर ही विद्रोहियों का नियंत्रण बच गया है.

इनकार

श्रीलंका के रक्षा सचिव गोथाभाया राजपक्षे ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि 'हथियार डालने के मुद्दे पर बातचीत का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है.'

इस बीच भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने श्रीलंका सरकार और एलटीटीई विद्रोहियों से अपील की है कि वो बातचीत का रास्ता अपनाएं.

उन्होंने सरकार से संघर्ष का रास्ता छोड़ने और एलटीटीई से हथियार डालने की अपील करते हुए कहा कि दोनों पक्षों को संघर्ष ख़त्म करना चाहिए.

उनका कहना था, '' दोनों पक्ष एक साथ काम करें. एटीटीई हथियार डाले और सरकार संघर्ष का रास्ता छोड़े. दो हाथों से ही ताली बजती है. ''

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