BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 05 जनवरी, 2009 को 16:53 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'पाकिस्तानी को हमलों की जानकारी थी'

भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह मुंबई हमलों में शामिल लोगों को भारत के हवाले कर दे ताकि भारत में उन पर क़ानूनी कार्रवाई हो सके.

विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह मुंबई हमलों के दौरान कमांडो कार्रवाई की नौबत आई, भारत ये नहीं विश्वास कर सकता कि पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान की जानकारी के बिना हमले संभव थे.

 मुंबई हमलों की जाँच के दौरान जो चीज़ें हमारे सामने आई हैं हमने उसे दस्तावेज़ के रूप में पाकिस्तान को सौंप दिया है. हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान इन दस्तावेज़ों पर जाँच करेगा, जो पाकिस्तान पर उंगली उठाते हैं. हम ये भी भरोसा करते हैं कि पाकिस्तान अपनी जाँच के नतीजे हमें बताएगा और हमें क़ानूनी मदद भी देगा ताकि हम मुंबई हमले में शामिल लोगों को भारत ला सकें
शिवशंकर मेनन

उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य स्पष्ट है. हम चाहते हैं कि मुंबई हमलों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत कार्रवाई हो."

इससे पहले सोमवार को ही विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पत्रकारों को यह जानकारी दी कि पाकिस्तान को मुंबई हमलों के सबूत सौंप दिए गए हैं और अब पाकिस्तान को अपना वादा पूरा करना चाहिए.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने मुंबई हमलों से संबंधित दस्तावेज़ मिलने की बात स्वीकार की है और कहा है कि संबंधित अधिकारी इसकी जाँच कर रहे हैं.

दूसरी ओर दक्षिण एशिया मामलों के अमरीकी सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर से मुलाक़ात के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि अगर भारत की ओर से ठोस सबूत मिले तो पाकिस्तानी नागरिकों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी.

जानकारी

नई दिल्ली में प्रणव मुखर्जी के बयान के बाद सोमवार शाम विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने संवाददाता सम्मेलन में इस संबंध में और जानकारी दी.

 जिस पैमाने पर हमला हुआ और जिसकी तैयारी में इतना समय लगा. कमांडो कार्रवाई करनी पड़ा. उससे ये भरोसा करना कठिन है कि बिना पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान में किसी की जानकारी के, ये सब हो रहा था
विदेश सचिव शिवशंकर मेनन

शिवशंकर मेनन ने कहा कि अब हम चाहते हैं कि पाकिस्तान बोलने की बजाए कार्रवाई करे और अभी तक यह दिखा नहीं है.

उन्होंने कहा, "मुंबई हमलों की जाँच के दौरान जो चीज़ें हमारे सामने आई हैं हमने उसे दस्तावेज़ के रूप में पाकिस्तान को सौंप दिया है. हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान इन दस्तावेज़ों पर जाँच करेगा, जो पाकिस्तान पर उंगली उठाते हैं. हम ये भी भरोसा करते हैं कि पाकिस्तान अपनी जाँच के नतीजे हमें बताएगा और हमें क़ानूनी मदद भी देगा ताकि हम मुंबई हमले में शामिल लोगों को भारत ला सकें."

विदेश सचिव का कहना था कि पाकिस्तान की ओर से सहयोग प्रत्यर्पण भी हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई कार्रवाई दिखी नहीं है.

शिवशंकर मेनन ने कहा कि अभी तक मुंबई हमलों की जाँच पूरी नहीं हुई है. लेकिन उन्होंने कहा कि अपराध भले ही भारत में हुआ है, लेकिन इसकी साज़िश पाकिस्तान में रची गई है. इसलिए भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान अपना वादा पूरा करेगा.

विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले के सबूत भी पाकिस्तान को दिए थे, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले के रुख़ से अलग पाकिस्तान इस बार भारत को सहयोग देगा.

उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय संधियों और सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) चार्टर के तहत भारत में आतंकवादी हमलों में शामिल लोगों को प्रत्यर्पित करने के लिए पाकिस्तान बाध्य है."

मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत ने पाकिस्तान को जो दस्तावेज़ सौंपे हैं, उनमें अजमल आमिर क़साब से पूछताछ का भी ब्यौरा है. भारत का कहना है कि क़साब मुंबई हमलों में शामिल था और कार्रवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने उन्हें ज़िंदा पकड़ा था.

शिवशंकर मेनन ने कहा कि अब पाकिस्तान कार्रवाई करे

विदेश सचिव ने बताया कि मुंबई हमलों के दौरान चरमपंथियों और पाकिस्तानी तत्त्वों के बीच बातचीत का ब्यौरा, घटनास्थल से बरामद हथियारों और उपकरणों के विवरण, सैटेलाइट फ़ोन और जीपीएस उपकरणों से मिले आँकड़ों का विवरण भी सौंपे गए हैं.

शिवशंकर मेनन ने कहा, "जिस पैमाने पर हमला हुआ और जिसकी तैयारी में इतना समय लगा. कमांडो कार्रवाई करनी पड़ा. उससे ये भरोसा करना कठिन है कि बिना पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान में किसी की जानकारी के, ये सब हो रहा था."

26 नवंबर को मुंबई में हुए हमलों में कम से कम 170 लोग मारे गए थे. भारत इन हमलों के लिए पाकिस्तानी तत्त्वों को ज़िम्मेदार ठहराता है जबकि पाकिस्तान इससे इनकार करता है.

ज़की उर रहमान लखवी'अमरीकी दबाव नहीं'
पाक के अनुसार उसपर लश्करे के नेताओं को भारत सौंपने का दबाव नहीं है.
सावित्री गुप्ता'युद्ध ग़रीबी से हो..'
मुंबई हमलों में अपना पति खो चुकी सावित्री पाकिस्तान के साथ युद्ध के ख़िलाफ़ हैं.
पाकिस्तान में रैली'आरोप लगाना आदत है'
पाकिस्तान के आम लोग भारत के आरोपों को ज्यादा वज़न नहीं दे रहे हैं.
मुंबई में धमाके"हमलावर पाकिस्तानी"
उप गृह मंत्री शकील अहमद ने कहा है कि मुंबई के सभी हमलावर पाकिस्तानी थे.
भारतीय नौसेना का एक जहाज़कब्ज़े में जहाज़
भारतीय नौसना ने पाकिस्तान के दो व्यापारिक जहाज़ों को पकड़ा है.
आसिफ़ अली ज़रदारीनया पाकिस्तानी क़ानून
इंटरनेट अपराध के लिए मौत तक की सज़ा का प्रावधान किया गया है.
इससे जुड़ी ख़बरें
'संदिग्धों को नहीं सौंपा जाएगा'
04 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस
एफबीआई ने पाकिस्तान को दिए सबूत
04 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस
'नाम बदलने पर भी कार्रवाई करनी होगी'
02 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस
कोई अमरीकी दबाव नहीं है: पाकिस्तान
01 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस
भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी
01 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>