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चिदंबरम सबूतों के साथ अमरीका जाएंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम अगले हफ़्ते मुंबई हमलों के सिलसिले में विचार विमर्श करने अमरीका जाएंगे. इस बीच अमरीकी राजदूत ने उनसे भेंट की है. भारतीय गृह मंत्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "मैं अगले हफ़्ते अमरीका जा रहा हूँ. कब जाउंगा उसकी तारीख़ तय की जा रही है." उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य मकसद मुंबई में हुए 'आतंकवादी' हमलों के बारे में विचार विमर्श करना होगा. उनका कहना था, "विदेश मंत्रालय ने मुंबई हमलों के जुड़े सबूतों का एक दस्तावेज़ तैयार किया है और मैं अमरीकी अधिकारियों से इस पर बात करुंगा." पी चिंदबरम अमरीका दौरे पर वहाँ के आंतरिक सुरक्षा मंत्री माइकल शेर्टॉफ़ और विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस से मिल सकते हैं. इस दौरान वो अगले राष्ट्रपति बराक ओबामा की टीम के अहम सदस्यों के साथ भी मुलाक़ात कर सकते हैं. इससे पहले शनिवार को भारत में अमरीकी राजूदत डेविड मल्फ़ोर्ड ने चिदंबरम से मुलाक़ात की. माना जा रहा है कि चालीस मिनट तक चली इस बैठक में भारत ने उन सबूतों पर बल दिया जिनसे संकेत मिलते हैं कि मुंबई में हुए हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था. पी चिदंबरम पहले ही कह चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर इस बात का दबाव बनाने में विफल रहा है कि वो अपनी सरज़मीं का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ चरमपंथी गतिविधियों के लिए नहीं करे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हमले के अपराधियों को सौंपे पाकिस्तान' 03 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस हमें भारत से निर्देश नहीं चाहिए: ज़रदारी27 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस युद्ध कोई मुद्दा नहीं है: मनमोहन सिंह23 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाक चरमपंथी दुनिया के लिए ख़तरा'22 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सुरक्षा के लिए सभी विकल्प खुले हैं' 20 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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