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युद्ध कोई मुद्दा नहीं है: मनमोहन सिंह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ युद्घ कोई भी नहीं चाहता लेकिन पाकिस्तान को एक ज़िम्मेदार राष्ट्र की तरह व्यवहार करना होगा. भारत के विभिन्न देशों में नियुक्त राजदूतों के दो दिवसीय सम्मेलन को मंगलवार को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान को चरमपंथिय़ों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की नसीहत दी. उन्होंने कहा, "युद्ध कोई मुद्दा नहीं है. मुद्दा है आतंक और पाकिस्तान स्थित वो इलाक़े जहाँ से आतंकी गतिविधियां चल रही हैं और उन्हें समर्थन मिल रहा है." सम्मेलन को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि पाकिस्तान को अपनी ज़मीन से चल रही चरमपंथी गतिविधियों पर अंकुश लगाना होगा और वो भली भांति जानता है कि अंकुश कैसे लगाना है. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या देश युद्ध करना नहीं चाहता. अंतरराष्ट्रीय दबाव प्रधानमंत्री का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और ये एक ऐसा मुद्दा है जिससे सभी को मिलकर लड़ना होगा. इससे पहले विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी भी कह चुके हैं पाकिस्तान की ज़मीन पर पनप रहे चरमपंथी संगठन पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं. राजदूतों का यह सम्मेलन भारत-पाकिस्तान संबंधों की ताज़ा स्थिति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. पिछले महीने मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से ही दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी तीखी और तेज़ हो चुकी है. इससे पहले राजदूतों की बैठक में विदेश मंत्री ने कड़े लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि पाकिस्तान अगर कोई कार्रवाई नहीं करता तो भारत के सभी विकल्प खुले हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाक चरमपंथी दुनिया के लिए ख़तरा'22 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तनाव घटाने ज़रदारी अफ़ग़ानिस्तान जाएँगे19 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'हमें ख़ुद चुनौतियों से निपटना होगा'19 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस दिल्ली में सुरक्षा मामलों पर शीर्ष बैठक20 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान कार्रवाई करे: प्रणब मुखर्जी21 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कसाब मामले पर नवाज़ ने उठाए सवाल19 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सबूत नहीं कि हमलावर पाक के थे'17 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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