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पाकिस्तान को कोई अल्टीमेटम नहीं: प्रणव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने यहाँ मौजूद 'आतंकवादी' कैंपों को नष्ट करे. विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि पाकिस्तान अपना वो वादा पूरा करे, जिसमें उसने कहा था कि पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल 'आतंकवादी' गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान को कार्रवाई के लिए कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है. झारखंड दौरे पर गए विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान अपने वादे को पूरा करे और आतंकवादी कैंपों को नष्ट करे. प्रणव मुखर्जी ने कहा, "कोई अल्टीमेटम नहीं दिया गया है. अल्टीमेटम का सवाल ही नहीं पैदा होता. किसी ने ऐसा नहीं किया है." सूचना विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुंबई हमलों की जाँच पूरी होने के बाद पाकिस्तान जो भी सूचना चाहेगा, वो उसे दी जाएगी लेकिन पाकिस्तान को भी यह स्वीकार करना चाहिए कि मुंबई हमलों में शामिल आतंकवादी वहीं से आए थे. प्रणव मुखर्जी ने कहा, "पाकिस्तान ने एक नहीं दो बार आतंकवादी कैंपों पर कार्रवाई करने का वादा किया था. एक बार परवेज़ मुशर्रफ़ ने और दूसरी बार आसिफ़ अली ज़रदारी ने. लेकिन वो वादा कहाँ गया? आतंकवादियों पर कार्रवाई की बात कहाँ गई?" उन्होंने कहा कि पहले तो पाकिस्तान ने यह स्वीकार किया था कि मुंबई पर हमला करने वाले वहीं से आए थे, लेकिन अब वही इससे इनकार कर रहा है. प्रणव मुखर्जी ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी को लेकर भी पाकिस्तान अपने बयान से पलट गया जबकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने ही कहा था कि उन्हें नज़रबंद किया गया है. भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने अमरीकी, चीनी और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से बात की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध की बात करने से समस्या का हल नहीं निकल सकता. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत-पाकिस्तान तनाव कम करें'27 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस हमें भारत से निर्देश नहीं चाहिए: ज़रदारी27 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान न जाने की हिदायत26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चीनी विदेश मंत्री से प्रणव की बातचीत26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस क़बायली क्षेत्र से हटाए जा रहे हैं सैनिक26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई हमलों के एक महीने बाद..26 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चली है रस्म कि कोई न सर उठा के चले.. 25 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस यूएपीए: आतंक से लड़ने का सही जवाब?24 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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