 | | | प्रधानमंत्री ने कड़ा संदेश देने की कोशिश की है |
मुंबई में हुए चरमपंथी हमले के बाद राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए जल्दी ही एक केंद्रीय एजेंसी का गठन करेगी. उन्होंने कहा, "यह बहुत ही सुनियोजित और पूरी तैयारी से किया गया हमला था जिसमें विदेशी हाथ भी हो सकता है." प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि सरकार हमलावरों और उनके सहयोगियों से सख़्ती से निबटेगी और ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) को लागू किया जाएगा और मौजूदा क़ानूनों को भी पूरी सख़्ती से अमल में लाया जाएगा ताकि ऐसे हमले करने वाले क़ानून की ज़द से बच न सकें.  |  मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि इस कायरतापूर्ण हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों और संगठनों को किसी हाल में नहीं बख़्शा जाएगा. उन्हें अपनी करनी का फल भुगतना होगा  मनमोहन सिंह |
अपने साढ़े तीन मिनट के संदेश में प्रधानमंत्री ने इस हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की और मृतकों के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की. मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार इन हमलों में घायल हुए लोगों का पूरा ध्यान रख रही है और उनका इलाज सरकार की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों का उद्देश्य भारत की व्यापारिक राजधानी में भय का वातावरण तैयार करना था, उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियाँ और देश की जनता इन साज़िशों को कामयाब नहीं होने देगी. अपने संदेश में उन्होंने आतंकवाद निरोधक सेल के प्रमुख हेमंत करकरे और मारे गए अन्य पुलिस अधिकारियों की बहादुरी को सलाम किया और उनकी मृत्यु पर गहरे दुख का इज़हार किया. मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं देश की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि इस कायरतापूर्ण हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों और संगठनों को किसी हाल में नहीं बख़्शा जाएगा. उन्हें अपनी करनी का फल भुगतना होगा." प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों को आश्वस्त किया कि सरकार इस तरह के हमलों से निबटने के लिए अनेक क़दम उठाने जा रही है ताकि भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने भारत की जनता के आतंकवाद से लड़ने के संकल्प पर विश्वास प्रकट किया और कहा कि "भारत की जनता एकजुट रहकर आतंक का बहादुरी से सामना करेगी और उस पर जीत हासिल करेगी." |