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गुरुवार, 30 अक्तूबर, 2008 को 07:12 GMT तक के समाचार
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असम धमाकों में 64 की मौत

असम में धमाके
पुलिस का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. 160 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं

भारत के असम में गुरुवार को हुए 12 सिलसिलेवार धमाकों में मरने वालों की संख्या अब 64 हो गई है. धमाके में 160 लोग घायल हुए हैं. राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी है.

चरमपंथी संगठन अल्फ़ा ने इन धमाकों में हाथ होने से इनकार किया है.

धमाकों के बाद कई स्थानों पर उत्तेजित जनता ने कई वाहनों में आग लगा दी जिसके बाद प्रशासन ने गुवाहाटी, दिसपुर तथा गणेशगुड़ी में कर्फ़्यू लगा दिया है.

गुवाहाटी सहित राज्य में दो अन्य इलाकों में एक घंटे के भीतर ही सिलसिलेवार ढंग से कई धमाके हुए.

चार धमाके गुवाहाटी में, तीन धमाके पश्चिमी शहर कोकराझार में और दो धमाके असम के निचले हिस्से में हुए हैं. सभी धमाके बहुत थोड़े अंतर पर गुरुवार को भारतीय समयानुसार दिन में 11 बजे के आसपास हुए हैं.

गुवाहाटी के कमर पट्टी बाज़ार में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद हबीबुर रहमान ने बीबीसी को बताया, "जब धमाका हुआ तो मैं धमाके के स्थान से महज़ सौ मीटर दूर था."

 जब धमाका हुआ तो मैं धमाके के स्थान से महज़ सौ मीटर दूर था. धमाका इतना ज़ोदार था कि आसपास की सभी इमारतें हिल गईं. मैंने आठ से दस गाड़ियों को जलते हुए देखा. आग की लपटे बहुत तेज़ थी. एक गाड़ी में चार महिलाएं जल कर राख हो चुकी थी. अनेक घायल थे
एक प्रत्यक्षदर्शी

उनका कहना था, "धमाका इतना ज़ोरदार था कि आसपास की सभी इमारतें हिल गईं. मैंने आठ से दस गाड़ियों को जलते हुए देखा. आग की लपटे बहुत तेज़ थी. एक गाड़ी में चार महिलाएं जल कर राख हो चुकी थी. अनेक घायल थे."

'अल्फ़ा का हाथ नहीं'

हालाँकि असम में गुप्तचर सेवाओं का अंदाज़ा था कि अलगाववादी युनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (अल्फ़ा) इन धमाकों के लिए ज़िम्मेदार है, लेकिन अल्फ़ा ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसका इन धमाकों से कोई लेना-देना नहीं है.

पूरे राज्य को हिला देने वाले इन धमाकों की जहाँ किसी चरमपंथी संगठन ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है, वहीं अल्फ़ा के बयान से पहले राज्य के पुलिस प्रमुख आरएन माथुर ने अलगाववादी संगठन, अल्फ़ा की ओर ही इशारा किया था.

उनका कहना था, "अल्फ़ा के अलावा कोई और संगठन राज्य में इतने बड़े पैमाने पर और वो भी इतने योजनाबद्ध तरीके से इतने सारे धमाके कर पाने में सक्षम नहीं है."

धमाका उपायुक्त कार्यालय के सामने

पहला धमाका गुवाहाटी में उपायुक्त कार्यालय के सामने हुआ जहाँ 14 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

गणेशगुड़ी इलाक़े में स्थित राज्य सरकार के सचिवालय के सामने हुए धमाके में 22 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा गुवाहाटी के बीचोंबीच स्थित पानबाज़ार इलाक़े में हुए धमाके में चार लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

कोकराझार में तीन धमाके हुए हैं जिनमें अब 17 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है.

पश्चिमी असम के बारपेटा और बोंगाईगाँव इलाकों से भी धमाकों की ख़बर है लेकिन अभी यहां मौतों की कोई जानकारी नहीं मिली है.

 धमाकेसहमी सी फ़िज़ा
शनिवार को धमाकों के बाद दिल्ली की फ़िज़ा कुछ सहमी सहमी सी है.
बम धमाकेबड़े सिलसिलेवार धमाके
पिछले कुछ समय में भारत में हुए अनेक सिलसिलेवार धमाके.
धमाकों का सिलसिला
आइए नज़र डालते हैं पिछले दो वर्षों के दौरान पाकिस्तान में हुए धमाकों पर.
आरोप-प्रत्यारोप का दौर
धमाकों के तुरंत बाद ही राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.
महरौली धमाकों के पीड़ितटिफिन से हुआ धमाका
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